बहराइच: 2 बच्चों की हत्या, लगायी आग आरोपी समेत 6 की मौत

समृद्धि न्यूज। बहराइज जिले के रामगांव क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेपरहा के निंदूरपुरवा गांव से बुधवार को एक युवक ने पहले दो किशोरों की धारदार हथियार से हत्या कर दी और फिर पत्नी व दो बेटियों के साथ खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। घटना में आरोपी समेत 6 लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, बहराइच के निंदुरपुरवा टेपरहा गांव में बुधवार को दो किशोरों की हत्या और फिर आरोपी के पूरे परिवार के साथ जलकर मरने की घटना ने जांच में जुटी पुलिस को उलझा दिया है। फोरेंसिक टीम भी घटनाक्रम की कडिय़ों को जोडऩे की कोशिश में बुधवार सुबह से लेकर देर रात तक परेशान रही, लेकिन न तो हत्या का उद्देश्य स्पष्ट हो रहा है और न ही पूरे परिवार के साथ आरोपी के आत्महत्या की कहानी ही समझ आ रही है। मामला हत्या, आत्महत्या और नरबलि की आशंका के दायरे में घूम रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव निवासी विजय कुमार खेती और पशुपालन का काम करता था। बुधवार सुबह उसने लहसुन साफ कराने के बहाने गांव के तीन किशोरों-सूरज यादव, सनी वर्मा, किशन को घर बुलाया। थोड़ी देर बाद किशन को उसने खेत में पेड़ की डाल साफ करने भेज दिया। इसी बीच विवाद होने पर विजय ने सूरज और शनि की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद वह अपनी पत्नी और दोनों बेटियों-छोटकी और प्रेरणा को कमरे में ले गया और अंदर से दरवाजा बंद कर आग लगा दी। कुछ देर बाद जब घर से धुआं उठता दिखा तो ग्रामीण दौड़े। पुलिस व दमकल को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने आग पर कड़ी मशक्कत से काबू पाया। इस दौरान आंगन से खून से लथपथ दोनों किशोरों के शव बरामद हुए। दरवाजा तोडक़र कमरे के भीतर से विजय, उसकी पत्नी और दोनों बच्चियों के अधजले शव मिले। इस भयावह मंजर को देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। पेड़ की डाल छांटने भेजे गए किशन ने बताया कि अगर वह घर पर होता तो शायद उसकी भी हत्या कर दी जाती। उसकी आंखों देखी गवाही ने घटना की गंभीरता और भी बढ़ा दी है। घटना की जानकारी मिलते ही डीएम अक्षय त्रिपाठी, एसपी आरएन सिंह, एसडीएम पूजा चौधरी, एएसपी डीपी तिवारी, सीओ डीके श्रीवास्तव व थानाध्यक्ष मदनलाल घटनास्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। घटना की सूचना मिलने पर देवीपाटन मंडल के आईजी अमित पाठक ने भी घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल की और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। सूत्रों की माने तो किशोर सूरज और सनी के शव के पास ही सिंदूर और खून से सना अक्षत मिला है, जिससे ग्रामीण नवरात्र के अंतिम दिन नरबलि की आशंका भी जता रहे हैं। पुलिस इससे इन्कार कर रही है। छह मौतों के बाद पूरे गांव में दहशत है। सभी की जुबां पर यही सवाल है कि आखिर विजय कुमार मौर्य ने जिन किशोरों को काम करने के लिए घर बुलाया, उन्हें मौत के घाट क्यों उतार दिया। पुलिस भी इन्हीं सवालों में उलझी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *