समृद्धि न्यूज। बलिया जिले के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पीडि़त की शिकायत वाराणसी से पहुंची टीम ने जाल बिछाकर डॉक्टर को पकड़ा और अपने साथ ले गई।
जानकारी के मुताबिक बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में संस्था अमृत फार्मेसी के नाम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का रजिस्ट्रेशन है। इसे सीएचसी परिसर के अंदर ही एक भवन में संचालित किया जाता है। फार्मेसी संचालक अजय तिवारी का आरोप है कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 वेंकटेश मौआर ने परिसर के अंदर औषधि केंद्र चलाने के लिए उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। उन्होंने कथित रूप से पहले भी एक बार दिया था। दूसरी बार पैसे मांगने पर जब आनाकानी की तो 6 जून को चिकित्सा अधीक्षक ने उनके जनऔषधि केंद्र का औचक निरीक्षण कर विभिन्न तरह की अनियमितता बताते हुए अपने कार्यालय से नोटिस जारी करा दिया। इसे लेकर काफी कहासुनी भी हुई और कुछ अन्य चिकित्सकीय स्टाफ के हस्तक्षेप के बाद मामले का पटाक्षेप हुआ। इसी क्रम में जब चिकित्सा अधीक्षक ने दोबारा उनसे पैसे की मांग की तो अजय तिवारी ने वाराणसी विजिलेंस में इसकी शिकायत कर दी। शिकायत के बाद निरीक्षक धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम बलिया पहुचीं और इसके बाद सादे वर्दी में आसपास खड़े टीम के सदस्यों के बीच अजय तिवारी ने ओपीडी में बैठे चिकित्सा अधीक्षक को जाकर पैसे दे दिए। जिसे लेने के तुरंत टीम ने अधीक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही इस प्रकरण का वीडियो फुटेज बनाते हुए टीम चिकित्सा अधीक्षक को तुरंत गिरफ्तार कर अपने साथ लेती गयी।
बलिया: चिकित्सा अधीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
