कथा के समापन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
हलिया (मिर्ज़ापुर) क्षेत्र के धसड़ाराजा में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के समापन अवसर पर बुधवार को भंडारा और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस अवसर हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रयागराज से आए जाने-माने कथा वाचक पंडित अवधेश कुमार शुक्ल ने कहा कि कलियुग में भागवत कथा अमृत के समान है। भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनूष्य के सारे पापों का नाश हो जाता है। सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को हवन, पूजन किया गया था। इसके उपलक्ष में बुधवार को भंडारे का आयोजन किया गया।
इस दौरान कुल पुरोहित कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनूष्य का ईश्वर से सीधा संबध जुड़ जाता है। जिसने भी भगवान से संबध बना लिया उसका भगवान ने उद्धार कर दिया। कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से हमेशा ईश्वर की कृपा बनी रहती है। भागवत कथा में धार्मिक उपदेशों के साथ माता-पिता की सेवा, गुरु जनों एवं बड़ों का आदर एवं वसुदेव कूटुम्बक जैसे संदेश निहित है। भंडारे के दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे। इस दौरान यजमान सेवा निवृत्त शिक्षक बलराम प्रसाद तिवारी,राम मणि त्रिपाठी, पूर्व प्रधान डा• दया शंकर त्रिपाठी राम जी पाण्डेय आलोक तिवारी अवनीश कुमार त्रिपाठी जगदीश त्रिपाठी लक्ष्मी कांत तिवारी राम रक्षा तिवारी रजनीश पिंटू अनुज और अरुण कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।
