भारतीय किसान यूनियन टिकैत का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

लिंक एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण, सर्किल रेट और विकास की मांगें
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए।
धरना प्रदर्शन जिला अध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में किया गया। किसान लगभग तीन घंटे तक धरने पर बैठे। उन्होंने घोषणा की है कि वे जिलाधिकारी से वार्ता होने के बाद ही यहां से हटेंगे। वह भारत और अमेरिका के बीच हुए कृषि व्यापारिक समझौते के खिलाफ भी हैं। किसानों की प्रमुख मांगों में लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा शामिल है। जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने बताया कि गांव-गांव में जमीन के सर्किल रेट अलग-अलग हैं। जहां अनुपजाऊ जमीन का सर्किल रेट अधिक है, वहीं उपजाऊ जमीन का सर्किल रेट कम है। किसानों की मांग है कि सर्किल रेट बढ़ाकर सभी जमीनों के लिए एक समान दर पर खरीद की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि 10 गांवों के बैनामे रोक दिए गए हैं और यूपीडा द्वारा लेआउट में सुधार के बाद ही उनके बैनामे कराए जाएंगे। किसान यूनियन ने मांग की है कि जब तक किसानों की राय नहीं ली जाती, तब तक लिंक एक्सप्रेस-वे के तहत आने वाले शेष 33 गांवों के बैनामे भी रोक दिए जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है तो किसान यूनियन अमृतपुर सदर तहसील का घेराव करेगी। अन्य मांगों में जनपद में आलू आधारित उद्योग स्थापित करना, गंगा किनारे तटबंधों का निर्माण, परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार तथा लोहिया अस्पताल और निजीगंज में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करना शामिल है। किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में कई बार ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन यह धरना प्रदर्शन करना पड़ा है। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से संबोधित ज्ञापन भी दिया। जिसमें उन्होंने कहां अमेरिका भारत व्यापार समझौता को रद्द किया जाए। अमेरिका भारत व्यापार समझौता किसान विरोधी कदम है। भारत की आत्मा गांव में बसती है, लेकिन जिस तरह से यह व्यापार समझौता सामने आया है उसे सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसने की सहमत ली गई है क्या उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। बताया सस्ती विदेशी उपस्थित भारतीय किसान तबाह होंगे। उन्होंने डेयरी सेक्टर पर भी सीधा हमला बोला। बताया व्यापार संतुलन के नाम पर भारत के ऊपर कृषि सब्सिडी कम करने सार्वजनिक खरीद प्रणाली को कमजोर करने का दबाव होने से एमएसपी व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आत्मनिर्भरता पर प्रहार होगा। धरने में गोपी शाक्य, लक्ष्मी शंकर जोशी, अरविंद शाक्य, राजेश गंगवार, अफरोज मंसूरी, अशोक यादव, कृष्ण गोपाल मिश्रा, राजेश यादव, सतीश कठेरिया, अनुज राजपूत, बृजेश गंगवार, दिनेश सिंह, प्रदीप यादव, अभय यादव, सुशील दीक्षित, शिवराम शाक्य, कृष्ण गोपाल मिश्रा, अरविंद गंगवार, अजीत कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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