अतुल सुभाष सुसाइड मामले में बेंगलुरु पुलिस ने एक्शन लिया है. आरोपी पत्नी निकिता सिंघानिया को पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है. इसके अलावा अतुल की सास और साले को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद तीनों आरोपियों को बेंगलुरु लाकर कोर्ट के सामने पश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. अतुल सुभाष के भाई विकास मोदी ने पूछा कि उनका भतीजा (अतुल का बेटा) कहां है? विकास मोदी ने कहा, “मेरे भाई के बेटे को सार्वजनिक रूप से रखा जाए और उसकी देखभाल की जाए. मुझे मेरे भतीजे की सुरक्षा की चिंता है.” अतुल सुभाष के पिता ने कहा, “मैं अपने पोते को देखने के लिए बैठा हूं. इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद कुछ राहत मिली है. हम चाहते हैं कि मेरा पोता दादी के साथ रहे.” अतुल के पिता पवन मोदी ने कहा- पता नहीं निकिता ने मेरे मासूम पोते को कहां रखा है. वो जिंदा है भी या नहीं. कुछ नहीं पता. हमें डर है कि कहीं उसके साथ भी कुछ गलत न कर दिया हो. हम बस यही चाहते हैं कि व्योम की कस्टडी हमें मिले. पोते को हम अपने साथ रखना चाहते हैं. एक दादा के लिए बेटे से भी बढ़कर उसका पोता होता है. सभी लोग हमारे समर्थन में हैं. कोर्ट को चाहिए कि वो पोते की कस्टडी हमें सौंपे. यही बच्चे के भविष्य के लिए सही रहेगा. पवन मोदी ने कहा- व्योम हमारे बेटे की आखिरी निशानी है. कोर्ट को उसे हमें सौंप देना चाहिए. हम उसका अच्छे से देखभाल करेंगे. हम चाहते हैं कि अपना आखिरी समय पोते के साथ ही गुजारें. अतुल तो नहीं रहा, लेकिन पोता हमारे साथ रहेगा तो शायद हमारे दिल पर लगे कुछ घाव कम हो जाएं. हम पीएम मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आरजेडी लीडर तेजस्वी यादव सहित सभी नेताओं से गुहार लगाते हैं कि हमें हमारा पोता दिलवाने में मदद करें. सूत्रों के मुताबिक अतुल का वीडियो जारी होने के बाद से पुलिस लागातार निकिता के लोकेशन को ट्रेस कर रही थी. पुलिस ने बताया कि इस मामले में निकिता के रिश्तेदार सुशील सिंघानिया की भूमिका की जांच की जा रही है और उन्हें भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. इस मामले में निकिता को आरोपी नंबर 1, मां निशा को आरोपी नंबर 2, भाई अनुराग को आरोपी नंबर 3 बनाया गया. निकिता के परिवार वालों ने पहले पुलिस से कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे, लेकिन जब बेंगलुरु पुलिस जौनपुर पहुंची तो वे कहने लगे कि वकील के साथ जल्द ही मिलेंगे और फरार हो गए. इसके बाद पुलिस परिवार के सदस्यों के लोकेशन का पता लगाने लगी.
14 दिनों की न्यायिक हिरासत
अतुल सुभाष केस में बेंगलुरु पुलिस के डीसीपी शिवकुमार ने कहा आरोपी निकिता सिंघानिया को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं आरोपी निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया को प्रयागराज से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
निकिता और सास-साले पर क्या आरोप
बेंगलुरु के टेक कंपनी कर्मचारी अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में यह पुलिस का बड़ा एक्शन है. अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया, उसकी मां निशा और भाई अनुराग पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. इसी सिलसिले में बेंगलुरु पुलिस तलाश कर रही थी. बेंगलुरु पुलिस की कई टीमें इनके पीछे यूपी से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक खाक छान रही थी.
90 मिनट के वीडियो में बयां किया दर्द
दरअसल, कुछ दिन पहले ही अतुल सुभाष ने पत्नी निकिता और उसके परिवार वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी. अतुल ने आत्महत्या करने से पहले 90 मिनट का लंबा वीडियो बनाया था. साथ ही उन्होने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें उसने अपने ऊपर हो रहे मानसिक अत्याचार का पूरा ब्यौरा दिया था.
