मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में जनवरी 2025 में बड़े पैमाने पर ब्यूरोक्रेसी में फेर बदल किया जाएगा. कई जिलों के डीएम बदले जाएंगे. इसके अलावा कमिश्नर और शासन में भी बड़े बदलाव की तैयारी है. 1 जनवरी को प्रदेश के 115 आईएएस अफसर को प्रमोशन मिल जाएगा. इन बदलावों का मकसद राज्य के प्रमुख प्रशासनिक पदों को नई ऊर्जा देना है. साथ ही, इन बदलावों से प्रशासन में नए चेहरों की एंट्री होगी और शासन-सत्ता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी. इनमें लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाज़ियाबाद, और मथुरा जैसे प्रमुख ज़िलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं. 2000 बैच के अधिकारियों को प्रमुख सचिव रैंक पर प्रमोशन दिया जाएगा. इनमें लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाज़ियाबाद, और मथुरा जैसे प्रमुख ज़िलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं. 2000 बैच के अधिकारियों को प्रमुख सचिव रैंक पर प्रमोशन दिया जाएगा.
लखनऊ के डीएम सूर्यपाल गंगवार, वाराणसी के डीएम एस राज लिंगम, गाजियाबाद के डीएम इंद्र विक्रम सिंह, मथुरा के डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और कानपुर के डीएम राकेश कुमार सिंह -11 का नाम शामिल है. सचिव रैंक में प्रमोशन होने के बाद इन अफसरों को भी डीएम पद से हटाया जा सकता है. आमतौर पर सचिव रैंक में प्रमोट अधिकारी को डीएम पद पर तैनाती नहीं दी जाती है.
इन अफसरों को मिल सकती है डीएम पद की जिम्मेदारी
ऐसे में इन बड़े जिलों में 2010,20 11 और 2012 बैच के अफसर को तैनाती मिल सकती है. इसके अलावा 2015 बैच के कुछ अफसर जिन्हें अभी तक डीएम की जिम्मेदारी नहीं मिली है उन्हें भी मौका मिल सकता है. 2000 बैच के साथ आईएएस अफसर प्रमुख सचिव रैंक पर प्रमोट होंगे. 115 से अधिक आईएएस अफसर को नए साल पर प्रमोशन इसमें कमिश्नर फूड एवं सिविल सप्लाई सौरभ बाबू ,कानपुर के मंडायुक्त अमित गुप्ता ,आजमगढ़ के मंडायुक्त मनीष चौहान ,सचिव मानव अधिकार आयोग धनलक्ष्मी के ,सचिव स्वास्थ्य रंजन कुमार ,कृषि सचिव अनुराग यादव और उत्पादन निगम के एमडी रणवीर प्रसाद का नाम शामिल है. 2022 के आईएएस अफसर दीपक अग्रवाल मौजूदा समय में केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर हैं.
