पांचाल घाट गंगा तट पर श्रद्धालुओं के लिए बने पैंटून पुल को बड़ा खतरा

जलस्तर बढऩे से कटान रोकने को पीडब्ल्यूडी विभाग लगवा रहा बोरियां
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पांचाल घाट गंगा तट पर माघ मेला श्री रामनगरिया लगभग 90 प्रतिशत लग चुका है। श्रद्धालुओं और संतों के आने का सिलसिला जारी है। वहीं इटावा-बरेली हाईवे पर बने गंगा पुल पर लगने वाले जाम को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए पैंटून पुल बनाया गया है, ताकि इटावा-बरेली हाईवे पर यातायात सुचारू रूप से संचालित बना रहे। बता दें कि पैंटून पल दो पार्ट में बनाया गया है। बीच के हिस्से में बालू डालकर ऊंचा रास्ता बंधा के रूप में बनाया गया है। करीब 3 दिन से गंगा जी में जल बढऩे से पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बोरिया लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि बालू से बनाया गया बीच का रास्ता और पैंटून पुल के पोर्च हैं वह ना कटें इसके लिए पीडब्ल्यूडी ठेकेदार द्वारा नाव से बालू की बोरियां डलवाईं जा रहीं हैं।
वहीं पुल से गुजर रहे दिव्यांग बोर्ड उत्तर प्रदेश के सदस्य व भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश सह.संयोजक अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि पहले हमने देखा था कि रास्ते के दोनों तरफ जहां बोरियां लगी थीं बीच में तो यहां जल दोनों तरफ कम था, लेकिन कुछ दिनों से जल थोड़ा-थोड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि समय रहते इसकी व्यवस्था को कर लें। दो-तीन दिन में गंगा का जलस्तर बढ़ा तो बीच का रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा। इसलिए समय रहते पहले से व्यवस्था कर लें, तो श्रद्धालुओं को कोई भी असुविधा नहीं होगी। बताया कि यदि बंधा कट जाता है तो स्वाभाविक है फर्रुखाबाद शहर से आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत होगी। उनके लिए एकमात्र यही साधन है। वह यहां से आते हैं। बताया कि इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित पुल पर जाम लगता है। बहुत बड़ी संख्या में उस पर वाहन आते हैं। मेला श्री रामनगरिया में कई जनपदों से लोग आते हैं और इसे प्रयागराज का छोटा रूप अपरा काशी मानते हैं। जो लोग प्रयागराज नहीं पहुंच पाते हैं वह लोग यहां आकर मां गंगा में स्नान करते हैं। ऐसे में जो शहरी क्षेत्र के लोग हैं या बाहर से जो लोग आते हैं वह अपने बहन किनारे खड़े करके इसके (पैंटून पुल) माध्यम से वह सुलभता से यहां तक (घाट) आ सकते हैं। पीडब्ल्यूडी ठेकेदार राहुल कुमार पांडे ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा है। अड्डी कट न जाए इसलिए बोरी लगा रहे हैं। बताया कि अगर जलस्तर बढ़ता है तब भी पुल को कोई दिक्कत नहीं होगी और पुल बना रहेगा। बताया कि मंगलवार को सुबह से लेकर शाम तक करीब 700 बोरी बालू की डाल चुके हैं। बताया कि जल बढ़ेगा तो फिर बोरी डालनी पड़ेगी। साथ ही जैसी गंगा की धार लगेगी उसी हिसाब से बोरियों को डालना पड़ेगा। बताया कि यदि गंगा ने कटान शुरू कर दिया तो फिर दिक्कत होगी।

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