प्रसिद्ध व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या का बिहार पुलिस ने किया खुलासा

समृद्धि न्यूज। पटना में प्रसिद्ध व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 5 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही 14 को हिरासत में लिया गया है। पुलिस जांच में मुख्य कारण जमीन विवाद पाया गया। जिसमें अशोक साव मुख्य आरोपी है जिसने सुपारी दी थी। उद्योगपति गोपाल खेमका मर्डर केस का बिहार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिहार पुलिस की ओर से बताया गया कि जमीन विवाद के कारण गोपाल खेमका की हत्या की गई। इस केस का मास्टरमाइंड अशोक साव था। उसने ही डेढ़ महीना पहले हत्या की साजिश रची थी। मंगलवार को डीजीपी विनय कुमार, एडीजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन, पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफे्रंस किया।
डीजीपी विनय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा किया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाल कर अपराधियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि बाइक की पहचान के बाद शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से हथियार भी बरामद किया गया है और 59 राउंड गोलियां भी बरामद की गईं हैं।
जब उमेश यादव से सख्ती से पूछताछ की गई तो अशोक साव का नाम सामने आया। जांच के मुताबिक अशोक साव ने ही उमेश को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी जिसमें उसने एडवांस में 50 हजार रुपये दिए थे। उमेश ने बताया कि अशोक साहू ने ही राज को हथियार दिए थे। उसी ने शूटरों को गोपाल खेमका की पूरी दिनचर्या के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस ने जब इस जानकारी पर एक्शन लिया और अशोक साव के घर पहुंचे तो वहां पर पिस्टल और बड़ी संख्या में जमीन के कागजात मिले।
पटना पुलिस ने बताया कि करीब 10 दिनों तक अपराधियों ने गोपाल खेमका के दिनचर्चा का पता लगाया। इसमें अपराधियों ने पाया कि रोज शाम को आठ बजे बांकीपुर क्लब जाते थे और करीब 11:30 बजे रात्रि में खुद गाड़ी चला कर घर वापस आ जाते थे। क्लब से निकलते समय अपने मित्र सुदेश सरिन को बाकडग़ंज मोड़ पर उतार कर अपने घर चले जाते थे। चार जुलाई को करीब 11:30 बजे बांकीपुर क्लब पहुंचे तो गोपाल खेमका की गाड़ी लगे देखा तो यह लोग तुरंत इनके आवास की ओर बढ़ गए और गोपाल खेमका के आने का इंतजार करने लगे। कुछ समय बाद गोपाल खेमका अपने कार खुद चलाते हुए अपने अपार्टमेन्ट के गेट पर जैसे ही रूके तो उमेश ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। वहां से वह घर चला गया और हथियार को ऊपर वाले कमरे में छिपा कर रख दिया। अगले दिन उमेश को अशोक साव ने सुपारी की शेष बची राशि करीब साढ़े तीन लाख रुपये दे दिया। इसके बाद उमेश यादव की निशानदेही पर उदयगिरी अपार्टमेंट की तलाश ली गई तो एक फ्लैट से साढ़े छह लाख रुपये और एक पिस्टलए 17 जिंदा कारतूस सहित 59 राउंड गोलियां, जमीन का ढेर सारा कागजात, मोबाइल एवं अन्य समान बरामद किए गए। वहां से अशोक साव को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में उमेश नाम का शूटर पुलिस की गिरफ्त में है, वहीं जो इस मामले में मुख्य शूटर था उसका नाम मस्तु बताया जिसकी हत्या हो चुकी है। वहीं एक अन्य राजा नाम का शूटर भी था जिसका एनकाउंटर हो गया है। डीजीपी ने बताया कि एनकाउंटर के मामले में जो मानक हैं उनके आधार पर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि थाने के जो लोग इस एनकाउंटर में शामिल थे उन्हें जांच टीम में नहीं रखा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *