मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जनपद के 351 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने निर्णय को निरस्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्टे्रट को सौंपा। भाजपा नेता विकास राजपूत ने अपने साथियों के साथ कलेक्टे्रट पहुंचकर नगर मजिस्टे्रट को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि जनपद में ३५१ सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर मर्जर करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जननद के हजारों गरीब ग्रामीण एवं वंचित तपके के बच्चों के मौलिक अधिकार, शिक्षा के अधिकार पर कुठाराघात है। सरकारी विद्यालय शिक्षा केंद्र नहीं बल्कि गांव के बच्चों के सपनों की नीव है। इन्हीं विद्यालयों ने वर्षों से उन बच्चों को दिशा दी है। निजी विद्यालयों की फीस वहन करने का कोई विकल्प नहीं है। यदि विद्यालय मर्जर किये गये तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। शिक्षा के लिए अपने घर के पास स्कूल में जाते है। नन्हे बच्चे तीन-चार किलो मीटर दूर स्कूल नहीं जा पायेंगे। सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वकांक्षी अभियान चलाये जा रहे है। वर्तमान में ऐसा प्रतीत होता है कि धीरे-धीरे अपनी दिशा और प्रभाव खोते जा रहे है। २०१८ में मुख्यमंत्री ने स्कूल चलो अभियान बड़े पैमाने पर आरम्भ किया था। अभियान ने शिक्षा क्षेत्र में जागरुकता और नामांकन बढ़ाने में भूमिका निभाई थी। यह फैसला समाज के कमजोर वर्ग पर सीधा प्रहार है। उनकी पीढिय़ा प्रभावित होंगी और समाजिक असमानता को बढ़ावा देगा और राष्ट्र की आधारशिला भी कमजोर होगी। विद्यालयों को बंद करने की बजाय उनका कायाकल्प किया जाये, मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर वीरेन्द्र कश्यप, प्रवीण भारद्वाज, गौतम कुमार श्रीवास्तव, सचिन पाल, प्रवीण यादव, सुरजीत कटियार आदि लोग मौजूद रहे।
भाजपा नेता ने मर्जर विद्यालयों के निर्णय को निरस्त करने की मांग
