समृद्धि न्यूज। बिहार दरभंगा के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव को एमपी एमएल, विशेष न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। मामला 2019 का है। दरभंगा के रैयाम थाना क्षेत्र के समैला गांव में मारपीट का आरोप मिश्रीलाल यादव और उनके समर्थकों पर लगा था। 3 महीने पहले एमपी एमएलए कोर्ट ने मारपीट मामले में मिश्रीलाल यादव को दोषी करार देते हुए 3 महीने की सजा एवं 500 का जुर्माना लगाया था। इसी मामले में वह कोर्ट से सजा माफ याचिका दायर करने पहुंचे थे।
इसी बीच व्यवहार न्यायालय के एमपी एमएलए सुमन कुमार दिवाकर के कोर्ट ने पुराने मारपीट के मामले में तीन महीने की सजा सुनाई थी। इस मामले में शुक्रवार 23 मई को सजा की बिंदु पर सुनवाई के बाद फैसला आने वाला है। इसी मामले को लेकर तारीख पर अपील करने आये थे। उसी मामले में विधायक को 24 घंटे की कस्टडी में मंडल कारा दरभंगा भेज दिया गया है।
17 अप्रैल 2020 को एमपी एमएलए कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया और सुनवाई शुरू की। लंबी सुनवाई के बाद 21 फरवरी 2025 को विशेष न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य की अदालत ने मिश्री लाल यादव और सुरेश यादव को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा और 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 323 मारपीट के तहत यह सजा दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ मिश्री लाल यादव ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय एस के दिवाकर की कोर्ट में अपील दायर की थी। 22 मई 2025 को सुनवाई के दौरान उनकी अपील खारिज कर दी गई और दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सजा की अवधि और अन्य कानूनी पहलुओं पर चर्चा के लिए अगली सुनवाई की तारीख 23 मई निर्धारित की गई है। मिश्री लाल यादव ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी घोषणा की कि वह इस निर्णय के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे। उनके समर्थकों का दावा है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। मिश्री लाल यादव का राजनीतिक सफर भी चर्चा में रहा है। 68 वर्षीय मिश्री लाल 2020 में विकासशील इंसान पार्टी वीआईपी के टिकट पर अलीनगर से विधायक चुने गए थे। 2022 में वह वीआईपी के अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले, 2003 से 2009 तक वे बिहार विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।
भाजपा विधायक को कोर्ट ने भेजा 24 घंटे की कस्टडी में, मारपीट के मामले में फैसला आज
