सीतापुर: रामपुर मथुरा थानाध्यक्ष संजय पांडेय की कार्यशैली से नाराज भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी थाने में धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष और उनके कारखास मनमानी कर रहे हैं। विधायक समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे और जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक संजय पांडे, दीवान और एक सिपाही का व्यवहार जनता के प्रति बेहद खराब है, जिससे लोगों में डर और असंतोष का माहौल है। विधायक ने साफ कर दिया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान थाने पर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। एक गांव में कुछ दिन पहले नौटंकी के कायक्रम में पुलिस शामिल हुई।
इसके बाद गांव में दूसरा कार्यक्रम हुआ तो पुलिस ने रात में वहां कहर बरपा दिया। करीब एक घंटे तक धरना देने के बाद विधायक ने अनशन समाप्त किया। बताते चले कि सुरजनपुर निवासी रमाशंकर कश्यप के पुत्र का मुंडन संस्कार शनिवार को था। इसके चलते रात में नौटंकी कार्यक्रम चल रहा था। पीडि़त परिजनों ने बताया कि रात करीब दो बजे पुलिस घर आई। उन्होंने नौटंकी कराने की लिखित अनुमति दिखाने को कहा। न दिखा पाने पर पुलिस ने बिना देखे व समझे मेहमानों को मारा पीटा, भगोना में रखा सारा खाना भी जमीन पर गिरा दिया। पुलिस मकानमालिक राम शंकर कश्यप को पकड़ कर ले गई। परिजनों ने इसकी जानकारी विधायक को दी। विधायक कुछ ही देर में थाने पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधायक के धरने की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हडक़ंप मच गया और अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह व सीओ वेद प्रकाश तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने विधायक को समझाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया लेकिन ज्ञान तिवारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। विधायक का कहना था कि पुलिस एक गंभीर शिकायत को नजरअंदाज कर रही है और पीडि़त पक्ष को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस इसी तरह जनता की सुनवाई बंद कर देगी तो जनप्रतिनिधि को मजबूरन सडक़ पर उतरना ही पड़ेगा। विधायक ने यह भी कहा कि अगर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री और उच्च स्तर तक उठाएंगे।
पुलिस कार्यशैली के खिलाफ थाने में धरने पर बैठे भाजपा विधायक
