शिव मंदिर भूमि कब्जा : एसडीएम के समझ पेश हुए दोनों पक्ष

महंत और ट्रस्टी ने अपने अपने दस्तावेज दिखाए, उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट
शाहजहांपुर (समृद्धि न्यूज)। बंडा में सुनासीरनाथ शिव मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मंगलवार को मंदिर के महंत और मां नर्मदा धर्मार्थ ट्रस्ट के ट्रस्टी एसडीएम पुवायां के सामने पेश हुए और दोनों पक्षों ने अपना अपना पक्ष रखते हुए अपने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों के लोगों के अलग-अलग बयान दर्ज कराए।
सुनासीरनाथ शिव मंदिर के महंत रमेश गिरी और पुजारी सर्वेश गिरी ने 31 जुलाई को जिलाधिकारी को पत्र देकर शिव मंदिर के साथ ही जय कायम खेड़ा, मेला का खेड़ा, मेला स्थल के साथ ही श्री स्वामी गौरी शंकर सालिगराम महाराज मेला सुनासीरनाथ के नाम दर्ज भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया था और हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश के संस्थापक अध्यक्ष अवनीश मिश्र से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराया था। जिसके बाद हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ) के अध्यक्ष अवनीश मिश्र ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई करने और भूमि को कब्जा मुक्त करने की मांग की थी और धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। जिसके बाद रविवार को एसडीएम पुवायां चित्रा निर्बाल और सीओ पुवाया प्रवीण मलिक बंडा थाने पहुंच गए थे और उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात को सुना था। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सीओ और एसडीएम ने मंगलवार को अपने अपने कागजात लेकर एसडीएम कार्यालय में पेश होने को कहा था। जिस पर मंगलवार को मां नर्मदा धर्मार्थ टेस्ट के ट्रस्टी मोहन मित्तल ट्रस्ट के सदस्यो के साथ अभिलेख लेकर मौके पर पहुंचे थे और एसडीएम के समक्ष अपने समस्त अभिलेख प्रस्तुत किए। इस दौरान ट्रस्टी मोहन मित्तल ने एसडीएम को बताया कि उनकी ट्रस्ट 1991 मे स्वामी गौरी शंकर जी महाराज के द्वारा बनाई गई थी और उस ट्रस्ट के नाम करीब 24 एकड़ जमीन है। जिसमें से 10 एकड़ जमीन उनके कब्जे में है। जिसमे गौशाला और स्वामीजी का समाधीस्थल एवं साधू संतो के लिए कमरे आदि बने है। जिनमे कई साधू संत भी रहते है। ट्रस्ट की अन्य जमीन या तो खाली पड़ी है या फिर का कोई पता नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर के महंत रमेश गिरी के द्वारा मंदिर की 146 एकड़ भूमि पर जो अवैध कब्जा करने की बात कही जा रही है। वह पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने महंत के आरोपो को निराधार बताया। तो वही सुनासीरनाथ मंदिर के महंत रमेश गिरी ने अपना पक्ष रखते हुए एसडीएम को बताया की जय कायम मेला, मेला खेड़ा, मेला मैदान और श्री स्वामी गौरी शंकर सालिगराम मेला सुनासीरनाथ के नाम पर कई एकड़ भूमि है, जो कुछ लोगों द्वारा गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर मां नर्मदा धर्मार्थ टेस्ट वहक स्वामी सरवाकार गौरीशंकर सीताराम मेला सुनासर के स्थान पर स्वामी प्रकाश चंद चेला स्वामी गौरी शंकर सीताराम आदि कई अन्य नाम पर गलत तरीके से करा ली गई थी। जिसका कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर मां नर्मदा धर्मार्थ ट्रस्ट के नाम ददियुरी गांव में मात्र 2 एकड़ जमीन है। जबकि अन्य जमीन कुछ अन्य लोगों के नाम पर चल रही है। जिस पर कुछ लोग अवैध तरीके से कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने एसडीएम से गलत तरीके से नामो पर की गई भूमि को कब्जा मुक्त कराकर श्री स्वामी गौरी शंकर सालिगराम मेला सुनासीरनाथ और जय कायम मेला, मेला का खेड़ा और मेला स्थान के नाम पर दर्ज कराने की मांग की। जिसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों लोगो के बयान दर्ज कर उनके पास मिले राजस्व अभिलेखों के आधार पर उनके बयान दर्ज कराए और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही है। इस दौरान हिंदू युवा संगठन उत्तर प्रदेश (अ) के अध्यक्ष अवनीश मिश्र, प्रदेश संगठन मंत्री कमल दीक्षित, विधि सलाहकार निर्भय मिश्र, शिवम कटियार, प्रकाश चंद्र, विपिन शुक्ला, शिवप्रकाश मिश्र आदि तमाम लोग मौजूद रहे। एसडीएम ने सभी के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने की बात कही।

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