फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। बैंक से कार लोन की धनराशि अदा न करने व चेक अनादरित हो जाने पर पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक ने न्यायालय में परिवाद दायर कर बैंक की धनराशि दिलाए जाने व कार्रवाई की मांग की।
फतेहगढ़ पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक नीरज मौर्य ने न्यायालय में दायर किये परिवाद में दर्शाया की शिशुपाल सिंह पुत्र जोगराज सिंह निवासी ग्राम पोस्ट थाना राजेपुर ने अपने पुत्र विवेक सिंह राठौड़ के नाम से मेरी शाखा से 5 लाख 25 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया था। जिसमें वह गारंटर है। ऋण खाते का नियमित रूप से संचालन न करने के कारण खाता एनपीए की श्रेणी में पहुंच गया। मेरे द्वारा कई बार आग्रह किया गया, 1 मार्च 2024 को 1 लाख ९5 हजार रुपये की चेक आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा राजेपुर बचत खाते की दी गई। चेक क्लीयरेंस हेतु जब लगाई गई तो चार मार्च को खाता बंद होने के कारण अनादरित हो गई। यह एक दंडनीय अपराध है। विपक्षी ने जानबूझकर खाता बंद होते हुए भी चेक निर्गत कर दी। इसकी मौखिक सूचना दी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया और ना ही भुगतान किया। 15 मार्च को अपने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा। जिसे जानबूझकर लेने से इनकार कर दिया। शाखा प्रबंधक ने धारा 138 एनआई एक्ट के तहत तलब करने व चेक की धनराशि ब्याज सहित दिलाए जाने की मांग की है।
बैंक का रुपया न देने पर शाखा प्रबंधक ने दायर किया वाद
