फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। बुधवार को (पर ब्लाक वन क्रॉप) अन्तर्गत गोष्ठी को आयोजन विकास खण्ड बढ़पुर की ग्राम कीरतपुर उप निदेशक उद्यान कानपुर मण्डल मुकेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया।
जिला उद्यान अधिकारी ने चयनित फसल आलू की बुवाई से लेकर भण्डारण, परिवहन तथा विपणन के सम्बन्ध में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्र्तगत संकर शाकभाजी कार्यक्रम के अन्तर्गत सामान्य में 80 हे0 व अनुसूचित जाति में 20 हे0 कुल 100 हे0 के लक्ष्य आवंटित है तथा सब्जियों हेतु मचान के लिए सामान्य हेतु 15 हे0 व अनुसूचित जाति हेतु 05हे कुल 20 हे0 लक्ष्य आवंटित हैं। फल क्षेत्र विस्तार (एक्जाटिक एवं निके फू्रट क्रॉप) स्ट्राबेरी हेतु सामान्य में 02 हे0 कुल 02 हे0 के लक्ष्य आवंटित है, ड्रैगन फ्रूट हेतु 01 हे0 तथा करौंदा हेतु सामान्य 02 हे0 व अनुसूचित जाति हेतु 01 हे0 कुल 03 हे0, केला हेतु सामान्य हेतु 20 हे0 व अनुसूचित जाति हेतु 05 हे0 कुल 25 हे0 आम हेतु सामान्य 02 हे0 व अनुसूचित जाति 01 हे0 कुल 03 हे0 लक्ष्य प्राप्त हैं। पुष्प विस्तार क्षेत्र विस्तार (ग्लैडियोलस) कार्यक्रम के अन्तर्गत सामान्य 02 हे0, अनुसूचित जाति में 01 हे0 कुल 03 हे0, फू्रट कवर हेतु सामान्य 09 हे0 व अनुसूचित जाति में 01 हे0 कुल 10 हे0, घेराबन्दी हेतु (मी0 में) सामान्य 2000 व अनुसूचित जाति हेतु 500 कुल 2500 के लक्ष्य आवंटित हैं। मसाला कार्यक्रम के अन्तर्गत प्याज 04 हे0 तथा लहसुन 04 हे0, धंनिया हेतु सामान्य 01 हे0 के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। जैविक खेती अन्तर्गत आई0पी0एम0 के सामान्य 04 व अनुसूचित जाति 01 कुल 04 लक्ष्य आवंटित हैं। परियोजना आधारित बागवानी मशीनीकरण योजनान्तर्गत ट्रैक्टर 20 बी0एच0पी0 तक (संख्या में) सामान्य 01 पॉवर नैपसेक स्प्रेयर (12 से 16 ली0 संख्या में) से कम सामान्य में 01, इकोफ्रेंडली लाइट ट्रैक (संख्या में) सामान्य में 04 व अनुसूचित जाति में 01 कुल 05 लक्ष्य आवंटित हैं। पुराने बागों का जीर्णोद्धार सामान्य 01 हे0 लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। मौनपालन हेतु (संख्या में) सामान्य 02 व अनुसूचित जाति हेतु 01 कुल 03 लक्ष्य आवंटित हैं तथा प्री-हार्वेस्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत हाईटेक नर्सरी की स्थापना (1 से 2 हेक्टेयर) अनुमन्य लागत 60 लाख/इकाई निजी क्षेत्र में 40 प्रतिशत रू0 24 लाख का के्रेडिट लिंक्ड बैंक एण्डेड सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा तथा छोटी नर्सरी निर्माण (0.4 से 1.00 हे0) की लागत 20 लाख प्रति हेक्टेयर पर निजी क्षेत्र को 50 प्रतिशत की दर से तथा नर्सरी के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने हेतु प्रति लाभार्थी अधिकतम 2 हेक्टेयर तक लागत 4 लाख रू0/हे0 के आधार पर 50 प्रतिशत अनुदान सहायता प्रदान की जाती है। टिश्यूकल्चर लैब की स्थापना के अन्तर्गत अनुमन्य लागत 250 लाख इकाई पर निजी क्षेत्र में 40 प्रतिशत रू0 100 लाख का के्रडिट लिंक्ड बैंक एण्डेड सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। शाकभाजी एवं मसाला बीज उत्पादन (आलू, मटर, आदि) के अन्तर्गत अनुमन्य लागत रू0 50000/हेक्टयर की लागत से निजी क्षेत्र में 35 प्रतिशत रू0 17500/हेक्टेयर बैंक एण्डेड, अधिकतम 2.00 हे0 तक का लाभ दिया जाता है। रोगमुक्त सब्जी बीज उत्पादन (मिनी सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस) के अन्तर्गत अनुमन्य लागत रू0 120 लाख/हेक्टेयर की लागत से निजी क्षेत्र में 50 प्रतिशत की दर से 60 लाख का के्रडिट लिंक्ड बैंक एण्डेड सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। बीज विधायन केन्द्र स्थापना हेतु अनुमन्य लागत रू0 300 लाख/इकाई लागत पर निजी क्षेत्र में निजी क्षेत्र में 50 प्रतिशत की दर से 150 लाख का के्रडिट लिंक्ड बैंक एण्डेड सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। मशरूम की खेती के लिए उत्पादन इकाई स्थापित करने हेतु अनुमन्य लागत 30 लाख रू0/इकाई पर 40 प्रतिशत के्रडिट लिंक्ड बैंक एंडेड सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा तथा स्पॉन बनाने की इकाई स्थापित करने पर अनुमन्य लागत 20 लाख प्रति यूनिट एवं कम लागत/छोटे पैमाने पर मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने हेतु 200 वर्गफुट आकार की संरचना के लिए प्रति इकाई अनुमन्य लागत 2.00 लाख रू0/इकाई स्थापित करने हेतु बुनियादी ढांचे और इनपुट पर व्यय को पूरा करने के लिए प्रति इकाई 50 प्रतिशत की दर से सहायता सब्सिडी के रूप में दी जाएगी तथा कम्पोस्ट उत्पादन इकाई के अन्तर्गत अनुमन्य लागत रू0 30 लाख इकाई लागत पर निजी क्षेत्र में 40 प्रतिशत की दर से 12 लाख का के्रडिट लिंक्ड बैंक एंडेड सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा, के बारे में किसानों को अवगत कराया गया।
अनु0जाति/अनु0जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में औद्यानिक विकास (राज्य सेक्टर) योजना अन्तर्गत अवगत कराया गया कि छोटी जोत वाले (0.10 हे0 से 0.20 हे0 तक) कृषक लाभार्थियों को नि:शुल्क बीज वितरण हेतु फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम जैसे मसाला कार्यक्रम में संकर प्याज 05 हे0, मसाला मिर्च 05 हे0, संकर शाकभाजी कार्यक्रम के अन्तर्गत संकर शिमला मिर्च 04 हे0, संकर कुकरबिट्स 07 हे0 व संकर टमाटर 04 हे0 तथा पुष्प विस्तार कार्यक्रम के अन्तर्गत गेंदा 02 हे0, जैविक खेती कार्यक्रम अन्तर्गत आई0पी0एम0 04 हे0, मौनवंश कार्यक्रम के अन्तर्गत 25 संख्या में लक्ष्य आवंटित हैं, के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जनपद को 814 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना/उच्चीकरण वर्ष 2025-26 तक लक्ष्य का आवंटन प्राप्त हुआ है। आवेदक के पास पैत्रक जमीन, आधार, पैन कार्ड, बैंक पास बुक एवं शपथ-पत्र आदि अभिलेख होने चाहिए। इस योजनान्तर्गत आलू चिप्स, नमकीन प्लांट, आचार, मुरब्बा, सिरिका, सोयाबिन आधारित उत्पादन, राइस मिल, आटा चक्की, गन्ना आधारित उत्पाद, दाल मिल, बेकरी उद्योग प्रोडक्ट्स, दूध उत्पाद से सम्बन्धित उद्योग (डेयरी), व मशरूम उत्पाद से सम्बन्धित उद्योग आदि खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाकर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अपने उद्यम की स्थापना/उन्नयन करने के इच्छुक व्यक्ति सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी पात्र परियोजना लागत के 35 प्रतिशत पर के्रडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रूपये प्रति उद्यम योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस मौके पर राघवेन्द्र सिंह जिला उद्यान अधिकारी, पुष्पेन्द्र सिंह उद्यान निरीक्षक, श्याम सिंह उद्यान निरीक्षक, अभिषेक कुमार सहायक उद्यान निरीक्षक व जीतू सिंह उद्यान सहायक उपस्थिति थे।
पर ब्लाक वन क्रॉप के तहत गोष्ठी में किसानों को विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारियां
