रूम हीटर से निकलती है कार्बन मोनोऑक्साइड गैस: डॉक्टर प्रशांत श्रीवास्तव

अस्था और सांस के मरीज कम करें इसका इस्तेमाल
कब-कैसे और कितनी देर इस्तेमाल करें हीटर: जानें डाक्टर की सलाह
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। ठंड के मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए लोग अक्सर रूम हीटर और ब्लोअर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन खुद को गर्म रखने और सर्दी से बचाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हुए आपको कुछ सावधानियां रखनी जरूरी होती है, इसका ज्यादा इस्तेमाल आपको कई तरह के नुकसान पहुंचा सकता है और इसके साइड इफेक्ट भी हैं। रूम हीटर से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है जो एक साइलेंट किलर हो सकती है, ये शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक साबित होती है। इसका लंबे समय तक इस्तेमाल करना हानिकारक हो सकता है, खासतौर से बंद कमरे में इसको जलाकर रखना बहुत नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए कभी भी रूम हीटर को जलाकर नहीं सोना चाहिए, यह ऑक्सीजन के लेवल को कम करता है।
रुम हीटर को कैसे इस्तेमाल करें, जिसके बारे में जनपद के जाने-माने चिकित्सक डा0 प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि अगर आप इसका इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको इसे थोड़ी देर ही चलाना चाहिए, अगर आपके कमरे में वेंटिलेशन सही नही है तो इसका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें, ३-४ फिट की दूरी पर रखे। बंद कमरे में हीटर जलाने से कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर जाती है और ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, ऐसे में सोते समय ऑक्सीजन की कमी होने से दम भी घुट सकता है, अस्थमा और सांस के मरीजों को तो हीटर जितना कम हो सके, उतना कम से कम ही चलाना चाहिए, इसके साथ ही इसका ज्यादा इस्तेमाल स्किन को ड्राई कर सकता हैं। वहीं कई लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है, इससे निकलने वाले गर्म हवा नाक को भी ड्राई कर सकती है।
डा0 प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि रिसर्च के अनुसार भारत में पिछले १०-१२ सालों में ५१ लोगों की मौत हो चुकी है। हीटर बहुत देर तक चलने से वह अपनी ह्यूमिडिटी कर लेते है, जिससे हीटर एयरशोक कर लेता है। जिसकी बजह से आपको बहुत परेशानियां हो जाती है। हीटर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस छोड़ते हैं, सोते समय व्यक्ति को एहसास भी नहीं होता और यह गैस धीरे-धीरे शरीर में जाकर दम घुटने का कारण बन सकती है, यही वजह है कि कई बार लोग सोते-सोते ही अपनी जान गंवा देते हैं, जो लोग पहले से हार्ट डिजीज से जूझ रहे हैं, उनके लिए गैस हीटर का उपयोग ज्यादा खतरनाक हो सकता है और इससे इस्फिक्सिया यानी स्लीप डेथ का खतरा बढ़ सकता है, यह खतरा बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी ज्यादा होता है, इनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और शरीर ऑक्सीजन की कमी को जल्दी झेल नहीं पाता है, ऐसे में हल्की लापरवाही भी गंभीर हो सकती है। साथ ही पानी भरकर रख लें, जिससे हीटर की हीट बढऩे से ह्यूमिडिटी बढ़ेगी और लोगों को बेहतर महसूस होगा। इससे कमरे के अंदर नमी का स्तर ठीक बना रहेगा और सेहत को नुकसान नहीं होगा, यह नेचुरल ह्यूमिडिफायर का काम करेगा।

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