न्यायालय के आदेश पर महिला समेत पांच के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एस0सी0एस0टी0 के आदेश पर कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस ने महिला सहित पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु कर दी है।
पीडि़त राममूर्ति पत्नी स्व0 रामशरण निवासी नेकपुर कला कोतवाली फतेहगढ़ की निवासिनी हरिजन जाति की है। पीडि़ता की नातिन कुमारी शिवानी पुत्री रामनिवास को मोहल्ले का सूरज यादव व मुन्नी देवी व प्रशांत यादव दिनाक 20.09.2022 को बहला फुसलाकर भगा ले गये थे। जिसकी सूचना पीडि़ता के पुत्र रामनिवास ने चौकी कर्नलगंज में दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट न लिखकर मुल्जिानों पर दबाव बनाकर लडक़ी वापस करा दी थी। दिनांक 30.09.2022 को सूरज यादव ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस पीडि़ता की नातिन शिवानी को पूछताछ हेतु बुला ले गई और उसे वन सेन्टर लोहिया अस्पताल में रखा। दिनांक 08.10.2022 को शिवानी मौका पाकर लोहिया अस्पताल से रात 9 बजे निकल आई। रास्ते में नेकपुर पुल के नीचे बन्टी यादव, प्रशांत यादव शिवानी को जबरदस्ती अपने घर पकडक़र ले गये। वहाँ पर मुन्नी यादव, सुनील व सागर मौजूद थे। इन पाँचों ने मिलकर शिवानी को जबरदस्ती नशीला पदार्थ खिला दिया और मारपीट कर मरणासन्न अवस्था में रेलवे ट्रेक पर जहाँ सूरज यादव कटा था वहीं फेंक दिया, लेकिन शिवानी का पैर कट गया था। जिससे वह बच गयी। उसे डॉ0 राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गम्भीर होने पर केजीएमयू अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहाँ उसका इलाज करीब 2 माह चला। पीडि़ता के पुत्र रामनिवास ने दिनांक 11.10.2022 को उक्त पाँचों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 461/2022 धारा-147, 307, 506, 120वी आईपीसी व (1) द व 3 (1) घ व 3(2)(5) एससी/एसटी0 एक्ट के तहत कोतवाली फतेहगढ़ में पंजीकृत कराया गया। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद उक्त मुल्जिमानों ने मुझ पीडि़ता व पुत्र रामनिवास को धमकी दी कि साले चमरों मुकदमा वापस कर लो वर्ना तुम लोगों की भी हत्या कर देंगे तथा लाश को मिलने नहीं देगें। पीडि़ता का पुत्र रामनिवास घर से यह कहकर गया था कि लखनऊ शिवानी को देखने जा रहा है, परन्तु वह लखनऊ नहीं पहुँचा। रास्ते से ही उक्त लोगों ने रामनिवास को गायब कर दिया। मुल्जिमान पिछड़ी जाति के यादव दबंग प्रवृत्ति के व्यक्ति है। मुल्जिमान मोहल्ले में ऐलानिया कहते हुए घूम रहे हैं कि मैंने साले रामनिवास को मारकर फेंक दिया है। उसकी लाश भी नहीं मिलने दी। पीडि़ता को पूर्ण आशंका है कि उक्त लोगों ने ही पीडि़ता के पुत्र को गायब कर दिया है। इस सम्बन्ध में पीडि़ता ने कई प्रार्थना पत्र कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस को दिये। इसके बाद पीडि़ता ने पुलिस अधीक्षक को दिनांक 29.01.2025 को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीडि़ता ने मजबूर होकर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया।

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