अदालत के आदेश पर हुई कार्यवाही, चल रही हैं निलंबित
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अदालत के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रामानंद बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक विनीत अग्निहोत्री की ओर से कॉलेज की कार्यवाहक प्रधानाचार्य नीलम कठेरिया के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। प्रार्थना-पत्र में विनीत अग्निहोत्री ने कहा है कि मैं स्वामी रामानंद बालिक इण्टर कॉलेज का प्रबन्धक व मंत्री हूँ। मेरे विद्यालय में नीना कठेरिया सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। नीना कठेरिया द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर एक याचिका में पारित अन्तरिम आदेश दिनांकित 30.09.2002 के क्रम में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेशानुसार प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था। उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं से सम्बन्धित केसों के सम्बन्ध में समय-समय पर निदेशक कानपुर मण्डल द्वारा उन केसों की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी चाही जाती रही।
इसी क्रम में संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मण्डल कानपुर द्वारा 08.07.2002 को जिला विद्यालय निरीक्षक को अवगत कराया गया है कि जनपद के समस्त राजकीय एव अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में से ऐसे अध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारी को चिन्हित किया जाये। जिन्हें न्यायालय के पारित आदेश के अनुक्रम में वेतन भुगतान किया जा रहा है। ऐसे अध्यापक, कर्मचारी द्वारा योजित की गयी रिट याचिका की वर्तमान समय में अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। इसी क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जनपद के समस्त माध्यमिक राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्यों से यह अपेक्षा की गयी कि वह सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालय में कार्यरत समस्त शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में से यदि किसी अध्यापक, कर्मचारी का वेतन भुगतान न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किया जा रहा है, तो उसकी विस्तृत सूचना निर्धारित प्रपत्र पर प्रेषित करें। साथ में इस आशय का भी प्रमाण पत्र दें कि उनकी संस्था व विद्यालय में उनके द्वारा अंकित किये गये शिक्षक या कर्मचारी के अलावा अन्य किसी को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। मेरे विद्यालय के प्रधानाचार्य से भी इस आशय का प्रमाण पत्र मांगा गया था। अभियुक्त शीतल द्वारा अपने व्यक्तिगत लाभ में नीना कठेरिया से पडयन्त्र कर इस तथ्य को छिपाकर कि उनके विद्यालय में नीना कठेरिया न्यायालय के आदेश से वेतन पा रही हैं। दिनांक 15.07.2022 को जिला विद्यालय निरीक्षक को उनके उक्त पत्र दिनांकित 11.07.2022 के परिप्रेक्ष्य में दिनांक 15.07.2022 को इस सम्बन्ध में निर्धारित प्रारूप पर जो सूचना उपलब्ध करायी उसमें स्पष्ट अंकित किया कि ऐसा कोई अध्यापक जो न्यायालय के आदेश से वेतन प्राप्त कर रहा है, मेरे विद्यालय में नहीं है और प्रारूप पर निल लिखकर उनके द्वारा भेजा गया। जबकि वह यह बात अच्छी तरह जानती थी कि नीना कठेरिया प्रतिमाह उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप भी वेतन प्राप्त कर रही थी।

शासन द्वारा इस मन्तव्य से यह सूचना चाही गयी थी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जो लोग न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वेेतन प्राप्त कर रहे है। उनकी याचिकाओं की वर्तमान स्थिति क्या है। शीतल कार्यवाहक प्रधानाचार्य द्वारा उक्त पत्र का संज्ञान किसी लिपिक को भी नहीं होने दिया और गुपचुप तरीके से उक्त जबाव जिला विद्यालय निरीक्षक को भेज दिया गया। इस बात के साक्षी दोनों लिपिक व एकाउंटेंट अभिषेक दीक्षित व आशुतोष है। वास्तविकता यह है कि उक्त नीना कठेरिया की उक्त याचिका दिनांकित 22.02.2019 को ही निरस्त हो गयी थी और इस प्रकार नीना कठेरिया ने अभियुक्त से षड्यन्त्र कर लाखों रूपये का वेतन विद्यालय से आहरण कर लिया और इन्हीं मलिन मतंव्यों से अभियुक्त द्वारा झूठी सूचना विद्यालय के लेटर पैड पर अंकित कर जिला विद्यालय निरीक्षक को भिजवायी और विद्यालय के लैटर पैैड पर फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया। अभियुक्त का यह कृत्य एक गंभीर अपराध है।
