जिला महासचिव के साथ हुई मारपीट की घटना में नदीम सहित नौ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

सपा कार्यालय में इलियास मंसूरी के साथ घटी घटना
जिला महासचिव बोले जान को है खतरा
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव इलियास मंसूरी के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित 9 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया।
थाना शमसाबाद के मोहल्ला अलेपुर निवासी सपा जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया कि जब से वह महासचिव बने है पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुखी निवासी काजी टोला शमसाबाद लगातार जान से मारने की धमकी दे रहें है। बीते एक सप्ताह पूर्व भी सपा जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल यादव के फोन करके कहा था कि इलियास को महासचिव के पद से हटा दो नहीं तो इसे जान से मरवा देंगे। जिस समय फोन किया तो मोबाइल हैण्डफ्री होने के चलते यह मैंने भी सुना। 7 अप्रैल को दोपहर दो बजे नदीम अहमद का मीडिया प्रभारी दीपक श्रीवास्तव ने कई बार फोन करके पार्टी कार्यलय बुलाया। जब मैं कार्यालय पंहुचा तो नदीम के साथी आनन्द मोहन यादव निवासी ज्योना कायमगंज, अंकेश कुमार निवासी मुरैठी, अब्दुल्लाह निवासी सैयदवाड़ा शमसाबाद, राजीव यादव निवासी मोहल्ला चौहटटा शमसाबाद, साजेब खां निवासी मोहल्ला तराई शमसाबाद, दीपक श्रीवास्तव निवासी चौखण्डा व दो अज्ञात अचानक गाली-गलौज कर मारपीट करने लगे। आरोपी मारपीट करते हुए मुझे सपा कार्यालय के बाहर छज्जे पर ले आये और मुझे छज्जे से फेंकने का भी प्रयास किया। शोर शराबा सुनकर साजिद अली निवासी सिरमौरा नवाबगंज, मनोज यादव निवासी रोहिला मोहम्मदाबाद, सपा जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल आ गये और मुझे बचाया। आरोपीगण जान से मारने की धमकी देकर भाग गये। पुलिस ने जिला महासचिव की शिकायत पर उपरोक्त लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं इलियास मंसूरी ने बताया कि पूरी घटना से हाईकमान को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला कमेटी उनके साथ है।
रंजिशान मुझे फंसाया गया: नदीम अहमद
फर्रुखाबाद। पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर अवगत कराया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी हुई कल सपा जिला कार्यालय पर किसी आपसी झगड़े मेें मुझे नामदर्ज किया गया है। जबकि उस घटना के संबंध में मुझे किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है और न ही इस घटना से मेरा कोई वास्ता है। मैं विगत 20 फरवरी से गंभीर बीमारी से ग्रसित हूं औैर गुडग़ांवा स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती रहा। उसके उपरान्त लम्बे समय तक अलीगढ़ में रहकर इलाज करा रहा था। कुछ दिन पूर्व शमशाबाद आया हूं। 16 अपै्रल को पुन: अस्पताल में जांच हेतु मुझे जाना है। बीमारी के चलते चिकित्सक ने बैडरेस्ट बताया है जिसके चलते मैं घर से बाहर नहीं जाता हूं। इस घटना में मेरा नाम रंजिशान व राजनैतिक प्रतिद्विद्वता के चलते लिखाया गया है। घटना के समय मैं घर पर था। पूर्व जिलाध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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