समृद्धि न्यूज। भारत के सुरक्षा वातावरण की जटिल पकृति को रेखांकित करते हुए जनरल चौहान ने कहा कि देश की सीमा सात देशों से लगती है, जिससे यह अत्यधिक संवेदनशील बन जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद भारत के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान ने अलग-अलग सबक सीखे। भारत ने जहां लंबी दूरी तक मार करने वाले प्रिसिजन हथियार और हमले के बाद नुकसान का आकलन करने की क्षमता पर ध्यान दिया। वहीं पाकिस्तान ने संभवत: अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने पर फोकस किया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि हमारे दुश्मन परमाणु हथियारों से लैस हैं और यही सबसे बड़ी चुनौती भी है। चीन के साथ अनसुलझा सीमा विवाद हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। देश के लिए दूसरी गंभीर चुनौती पाकिस्तान द्वारा चलाया जा रहा छद्म युद्ध और हजारों जख्मों से भारत को लहूलुहान करने की उसकी नीति है। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीएस जनरल चौहान ने क्षेत्रीय अस्थिरता और उसके देश पर पडऩे वाले प्रभाव को तीसरी बड़ी चुनौती के रूप में माना। जबकि उन्होंने तेजी से बदलते चुनौतीपूर्ण माहौल में हाई टेक्नोलॉजी से युक्त भविष्य के युद्धक्षेत्र परिदृश्यों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों को चौथी बड़ी चुनौती के रूप में चिन्हित किया।
VIDEO | Gorakhpur: Addressing an event, CDS General Anil Chauhan says, "Challenges before countries aren’t momentary; they exist in different forms. I think the boundary dispute with China is India’s biggest challenge and will continue to remain so. The second major challenge is… pic.twitter.com/djqXmJAK9S
— Press Trust of India (@PTI_News) September 5, 2025
सीमा से जुड़े विवादों को लेकर जनरल चौहान ने कहा कि परमाणु हथियारों से लैस 2 दुश्मनों से उत्पन्न खतरों से निपटना भारत के सामने एक और बड़ी चुनौती है, ऐसे में उसे किसी भी तरह के पारंपरिक युद्ध के लिए तैयार रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों को ऑपरेशन सिंदूर के लिए पूरी आजादी दी गई थी और इस ऑपरेशन का मकसद न सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेना था, बल्कि सीमा पार जारी आतंकवाद पर एक लक्ष्मण रेखा भी खींचना था। सेना ने ऑपरेशन सिंदूर जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए वीभत्स आतंकी हमले के जवाब में चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
जनरल चौहान ने क्षेत्रीय अस्थिरता को भी चिंता का विषय बताया और कहा कि भारत के सभी पड़ोसी देश सामाजिक, राजनीतिक या आर्थिक अशांति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक और चुनौती यह है कि युद्ध के क्षेत्र बदल गए हैं। अब इसमें साइबर और अंतरिक्ष भी शामिल हैं। सीडीएस ने कहा हमारे दोनों प्रतिद्वंद्वी (पाकिस्तान और चीन) परमाणु शक्तियां हैं और यह तय करना हमेशा एक चुनौती बनी रहेगी कि हम उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई करना चाहते हैं।
