सजा के बिंदु पर 14 फरवरी की तिथि नियत
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर जिला जज विशेष एससी/एसटी न्यायाधीश अभिनितिम उपाध्याय ने दलित युवक की हत्या के मामले में रामप्रताप उर्फ गुड्डन पुत्र किशनपाल निवासी बकावली थाना सिढ़पुरा कासगंज को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तिथि नियत की गयी है।
बीते 13 वर्षों पूर्व कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के ग्राम गुलबाजनगर निवासी महेंद्र सिंह पुत्र सोहनलाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि मेरा पुत्र प्रदीप जाटव दत्तू नगला में अपने बच्चों के साथ लगभग चार वर्षों से किराए पर रहता था। कस्बे के एक गेस्ट हाउस में शादी समारोह में शामिल होकर रात 11 बजे अपने जीप चालक गुड्डन निवासी बकावली थाना सिढ़पुरा कासगंज जो कि 3-4 वर्षों से चालक था। गुड्डन प्रदीप को छोडक़र चला गया। रात करीब एक बजे अपने साथ तीन व्यक्ति लेकर मेरे पुत्र के घर आया।
जिसमें से एक का नाम अंशुल पंडित निवासी रूटोल उक्त सभी लोगों ने मेरे पुत्र प्रदीप को आवाज लगाकर दरवाजा खोलने को कहा। मेरे पुत्र ने चालक गुड्डन की आवाज को सुनकर अपनी पत्नी से दरवाजा खोलने को कहा। आंगन में बल्ब लगा था जैसे ही गेट की कुंडी खोली सामने अंशुल आ गया और कहा कि आज तू कैसे बचेगा और जान से मारने की नीयत से मेरे बेटे पर तमंचा से गोली चला दी जो उसके छाती में लगी। मेरा पुत्र जमीन पर गिर पड़ा। पुत्रवधु ने शोर मचाया, तो गुड्डन ने तीनों साथी अवैध तमंचा लेकर स्टेशन की तरफ भाग गए। बहू ने उसके बाद मेरे फोन पर मुझे व छोटे पुत्र प्रमोद कुमार को बताई। उक्त घटना बहू ने बताई। तत्काल अपने पुत्र को गाड़ी में बैठाकर सीएचसी कायमगंज ले गए। हालत गंभीर होने पर फर्रुखाबाद के लिए रेफर कर दिया। उसे लोहिया से कानपुर के लिए भेज दिया गया। रास्ते में मेरे बेटे की मृत्यु हो गई। कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य के आधार पर अंशुल पंडित का नाम पृथक कर दिया और चालक गुड्डन के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह, अनुज कटियार की पैरवी के आधार न्यायाधीश अभिनितिम उपाध्याय ने चालक रामप्रताप उर्फ गुड्डन को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तिथि नियत की गयी है।
दलित युवक की हत्या के मामले में दोष सिद्ध
