सीएचसी में चिकित्साधीक्षक समेत आयुष विभाग के डाक्टर/बाबू मिले गैरहाजिर
निजी अस्पतालों को सील करने के दिये निर्देश, डाक्टर व कर्मचारी छोडक़र भागे
कायमगंज, समृद्धि न्यूज। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर अवनींद्र कुमार ने कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वह सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष में गए। जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से उनके हालचाल लिए। इसके बाद वह चल रही ओपीडी में पहुंचे। जहां उन्होंने दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर दवाईयों का बारीकी से निरीक्षण किया। वहीं उन्होंने साफ -सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। इसके बाद ओपीडी में बने डॉक्टर के कक्ष एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर शोभित कुमार के कमरे में पहुंचे। जहां पर उन्होंने हाजिरी रजिस्टर का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान आयुष डिपार्टमेंट में तैनात बाबू प्रवीण सक्सेना गैर हाजिर मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके अलावा आयुष के ही कई डॉक्टर और कर्मचारी नहीं मिले। उन्होंने इस सम्बन्ध में जानकारी डा0 जितेंद्र बहादुर से की, तो उन्होंने बताया की यह लोग फील्ड में हैं, लेकिन रजिस्टर पर किस क्षेत्र में है और कहां है, कोई एंट्री नहीं मिली। इस पर उन्होंने सभी की अब्सेंट लगा दी। इसके बाद वह एक्सरे रूम में पहुंचे। जहाँ उन्हें काफी भीड़ मिली। इस पर उन्होंने एक्सरे कराने आये लोगों से कहा एक्सरे की किरणें से कैंसर की बीमारी बनती है।
आप लोग एक्सरे कक्ष से बाहर जाये और एक-एक कर अन्दर आकर एक्सरा करायें। इसके बाद वह सीधे महिला चिकित्सालय में पहुंचे। जहां भर्ती मरीजों से उनके हालचाल लिये। वहीं उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर शोभित कुमार के मौजूद न मिलने पर उनसे फोन पर वार्ता की। जिस पर उन्होंने बताया कि वह आज कोर्ट में काम से आये हैं। इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने दृष्टि पॉली क्लीनिक बस अड्डे के पीछे पुलग़ालिब पुलिया पर पहुंचकर अस्पताल में छापा मारा। जहां अस्पताल के कर्मचारी एवं चिकित्सक गायब मिले। वहाँ पर मौजूद संध्या पत्नी श्याम कुमार निवासी रौकरी थाना कम्पिल ने बताया की डा0 गौरव ने हमसे 5000 हजार रुपये लेकर हमारी सफाई करवाई, तब से हमारी ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही है। इसलिए वह पुन: दिखाने आयी है। यह सुनकर मुख्य चिकित्साधिकारी का पारा चढ़ गया। इस पर उन्होंने जानने की कोशिश की, लेकिन किसी ने कुछ भी नहीं बताया। इसके बाद अस्पताल में घूम-घूमकर उन्होंने जांच पड़ताल की, तो पता चला कि यह अस्पताल 12 बेड का है और यहां पर एक ऑपरेशन कक्ष भी बना हुआ है। वहीं एक लैब के अलावा दवाई भी मिली। इस पर उन्होंने पूरे अस्पताल की वीडियोग्राफी कराई। इसके बाद अस्पताल को जांच पड़ताल के बाद सील करने की बात कही। बताया गया है कि काफी वर्षों से दृष्टि पाली क्लीनिक डॉक्टर गौरव मिश्रा जो की सरकारी अस्पताल में आयुष डिपार्टमेंट में तैनात है वह चला रहे हैं। जिनके प्रपत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद अस्पताल को सील किया जाएगा। वहीं उन्होंने पास में स्थित अनुपम हॉस्पिटल में भी छापा मारा। जहां डॉक्टर के अलावा कर्मचारी अस्पताल बंद कर भाग गए। काफी देर तक दरवाजे को खटखटाने के बाद नहीं खुला, तो उन्होंने इस अस्पताल की भी बाहर से वीडियोग्राफी कर नाम, पता नोट किया। सीएमओ ने बताया की इन अस्पतालों की जांच कर इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कल इन अस्पतालों को सील करने की कार्यवाही की जाएगी।
सीएमओ का सीएचसी सहित निजी अस्पतालों पर छापा, मिली अनियमिततायें
