इससे पूर्व भी दी गयी थी एक्सपायरी दवा, जिसे खाकर महिला की बिगड़ी थी तबियत
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। सरकार देश को टीबी मुक्त बनाने का भले ही सपना संजो रही है, लेकिन अधीनस्थ सरकार के सपनों को शायद पूरा होने नहीं देंगे, क्योंकि टीबी के मरीजों को एक्सपायरी दवायें जो बांटी जा रही हैं।
ऐसा ही एक मामला थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव करनपुरदत्त में देखने को मिला। जहां महिला ममता का टीबी का इलाज करीब तीन महीने से चल रहा है। यहां पर वह अपने बच्चों के साथ रहती है, जबकि उसका पति धर्मेंद्र दिल्ली में नौकरी करता है। ममता को दवायें गांव की आशा रामवती लाकर देती है। ममता ने पूछने पर बताया कि वह आठ दिन की दवा लेकर आशा से आती थी। जब दवा नही मिली, तो उसका पति धर्मेन्द्र आशा रामवती के घर पहुंचा। आशा ने जो दवा दी थी, वह मार्च माह में एक्सपायर हो चुकी है। पति धर्मेंन्द्र नें बताया कि पूर्व में भी एक्सपायर दवा दी गयी। जिसकी जानकारी ना होने पर जब ममता ने खाई, तो उसकी तबियत भी बिगड़ी। धर्मेन्द्र नें लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉ0 आरिफ सिद्दीकी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जाँच करायी जायेगी।
बात करने पर सीएमओ ने नहीं उठाया फोन
अमृतपुर। जब इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अवनींद्र कुमार से बात करनी चाही, तो उनको फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। यह कोई पहला मामला नहीं है कि जब मुख्य चिकित्साधिकारी का फोन न उठा हो, इससे पूर्व भी दर्जनों बार खबरों को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन मुख्य चिकित्साधिकारी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते हैं। इससे जाहिर है कि सीएमओ अपने काम के प्रति कितने लापरवाह है।
