निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए बाध्य करते निजी स्कूल
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
दो दिन पूर्व अग्रवाल बुक डिपो पर डीआईओएस ने की थी जांच
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अधिवक्ताओं ने निजी सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों के संचालकों के खिलाफ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निश्चित दुकानदारों के माध्यम से कमीशन की वजह से निजी प्रकाशकों की किताबों की बिक्री कराये जाने को लेकर कार्यवाही करने की मांग की है।
जनपद न्यायालय फतेहगढ़ में विधि व्यवसाय करने वाले अधिवक्ताओं ने अपने बच्चों की शिक्षारत है। जनपद के शत-प्रतिशत निजी विद्यालयों द्वारा मनमाफिक तरीके से निजी प्रकाशकों की किताबें एवं डे्रसे निश्चित स्थानों दुकानों के माध्यम से खुलेआम बिक्री करायी जा रही हैं। दुकानों पर कक्षावार किताबों के पैकेट बने रखे हैं। प्रत्येक पैकेट की कीमतें एलकेजी से लेकर कक्षा १२ तक की अनुमानित कीमत ३५०० रुपये से लेकर १५ हजार रुपये तक निश्चित कर रखी है। जिस कारण जनपद के प्रत्येक अभिभावक के ऊपर नाजायज खर्चे का दबाव आ रहा है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा खुलेआम शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है। जो पूर्ण रुप से अविधिक व गैर कानूनी है। इस प्रकरण में गंभीरता से पैनल बनाकर प्रत्येक सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से संबंध प्राइवेट स्कूलों की जांच कराकर कानूनी कार्यवाही की जाये। जिससे बच्चों के अभिभावकों को राहत मिल सके। लिखित रुप से स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही की गई उनके नाम ज्ञापन में दर्शाये गये है। उन विद्यालयों के नाम- सेंट एन्थोनी स्कूल फतेहगढ़ सीबीएसई बोर्ड, ब्लू बेल पब्लिक स्कूल फतेहगढ़, वीरेन्द्र स्वरुप एजूकेशन सेंटर, गायत्री इंटरनेशनल स्कूल आवास विकास, दिल्ली पब्लिक स्कूल आवास विकास, सेन्ट लारेंस पब्लिक स्कूल आईटीआई चौराहा, मार्डन पब्लिक स्कूल रेलवे रोड, ऑल संस पब्लिक स्कूल रेलवे रोड बजरिया, जी-माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल जैतपुर, सीपी इंटर नेशनल स्कूल फर्रुखाबाद सीबीएसई बोर्ड व अन्य स्कूलों पर कार्यवाही की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। जिसमें बार एसोसिएशन के महासचिव नरेश सिंह यादव, विनय प्रताप सिंह, गौरव कुमार दुबे, राहुल प्रताप सिंह परिहार, विजय कुमार शर्मा, दिनेश चन्द्र सक्सेना, आशीष मिश्रा, अनुपमा शर्मा, अनुज मिश्रा, साहिल सागर, दीपक द्विवेदी, गौरव यादव, मनोज कुमार यादव, दीपक दुबे, राजीव कुमार, मोहम्मद अताउल हक काश्फी, श्याम बिहारी दीक्षित आदि अधिवक्ताओं ने कार्यवाही करने की मांग की है। दो दिन पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र पाल सिंह द्वारा अग्रवाल बुक डिपो पर पहुंचकर जांच की गई थी। जहां उन्होंने एनसीआरटी की किताबे बेंचने की बात कही और निजी प्रकाशकों की किताबों पर रोक लगाने को कहा था। इस संबंध में अग्रवाल बुक डिपो के संचालक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि हमारी डीआईओएस से बात हो चुकी है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि हम इसमें क्या कर सकते हैं। जिसकी मर्जी हो वह ले। मैंने विक्रेता से कहा कि एनसीआरटी की किताबें दो, तो वह बोला कि आप निजी स्कूलों के संचालकों पर कार्यवाही करें। मेरे हाथ में कुछ नहीं है। अधिवक्ताओं के पहुंचने पर डीआईओएस ने कहा कि नियमानुसार कार्यवाही होगी।
कमीशन का खेल एनसीईआरटी फेल
