परिवहन निगम के डिपों में हुए करोड़ों के घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री से

पूर्व बीसी ने स्टेशन इंचार्ज पर लगाये गंभीर आरोप
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश परिवाहन निगम फर्रुखाबाद डिपो में करोडों रूपये का भ्रष्टाचार का आरोप स्टेशन इंचार्ज गौरी शंकर पर लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। जिसमें स्टेशन इंचार्ज द्वारा विभाग को क्षति पंहुचाकर तथा फर्जी जाति एवं शिक्षा प्रमाण पत्रों द्वारा विभाग में करीब 32 वर्षों से एक ही डिपो में 3 प्रमोशन पर रुके है। शिकायतकर्ता ने जांच कराकर गवन की गई धनराशि वसूली जाये।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली फतेहगढ़ के क्षेत्र भोलेपुर बेवर रोड निवासी नवी शेर पुत्र मंगू खां ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में दर्शाया कि वह फर्रुखाबाद डिपो से बी0सी0 के पद से सेवानिवृत्त है। गौरीशंकर 8 अपै्रल 1994 में परिचालक के पद पर फर्रुखाबाद में भर्ती हुये थे। आदेश संख्या 3461 ई0आर0 स्थानांतरण 1 अगस्त 1994 वी0सी0 के पद पर दिखाई गयी। आदेश संख्या 3461 ई0आर0 स्थानांतरण/प्रो0/व0 लि0/ 07 दिनांक 5 जून 2007 के द्वारा वरिष्ठ लिपिक के पद से पदोन्नति हुई। गौरीशंकर कंप्यूटर में संख्या 8-10-2010 में छिबरामऊ डिपो में कंप्यूटर में हेराफेरी कर फूंके जाने पर जांच दल आने से पहले 13 अक्टूबर 2010 को फर्रुखाबाद डिपो का कंप्यूटर जलाकर राख कर दिया। क्योंकि डिपो के कंप्यूटर में बहुत बड़े पैमाने पर हेराफेरी हो रही थी। 15 दिसम्बर 2007 को फर्रुखाबाद डिपो में कैश गवन हुआ था। उस समय गौरीशंकर केन्द्र प्रभारी का कार्य देख रहे थे, उनकी मिलीभगत से कैश गवन हुआ था। क्योंकि खजाने की डबल लॉक की चाभी गौरीशंकर के पास थी। 13 जनवरी 2010 को 17 एटीएम मशीने एवं एक कंप्यूटर जलाबा दिया था। गौरीशंकर के रिश्तेदार कृपाल सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा में तैनात थे, इसलिए भ्रष्टाचार की कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। 1 अगस्त 1994 में वीसी होने के बाद सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक से सांठ गांठ कर डीजल टैंक पर लग गये और डीजल की हेराफेरी करने लगे। वर्ष 2010 तक लगभग 82 हजार डीजल घोटाला किया। डीजल शार्ट होने पर फर्रुखाबाद कार्यशाला में डीजल टैंक से डीजल डिग्गी तालाब में बह गया दिखाया गया था। पीडि़त ने मुख्यमंत्री से परिवाहन निगम फर्रुखाबाद डिपों में हुए करोडों रुपये के घोटाले के संदर्भ में मामला दर्ज कराकर जांच पुलिस अधीक्षक से करायी जाये, करोडो रूपये की निगम क्षति इनसे वसूल की जाये। शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्रुखाबाद डिपो में हुए करोड़ों घोटाले के साक्ष्य उसके पास मौजूद है।

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