कांग्रेस-भाजपा संविधान पर गलत न बोलें, न दें सांप्रदायिक बयान: चुनाव आयोग

नड्डा-खरगे को भेजा नोटिस; चुनाव प्रचार में मर्यादा बनाए रखने को कहा

चुनाव आयोग ने जाति, भाषा, धर्म, सेना और संविधान पर बयान देने के मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों को आड़े हाथ लिया है. बीजेपी और कांग्रेस अध्यक्ष को मर्यादा बनाए रखने के लिए औपचारिक नोट जारी करने का निर्देश दिया है. कांग्रेस से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि ऐसे बयान न दें, जिससे गलत धारणा बने कि संविधान को खत्म किया जा सकता है.

राजनीतिक दल चुनावों में जनता को अपने पक्ष में करने के लिए हर तरकीब अपनाते हैं. आरोप-प्रत्यारोप की जुबानी जंग में तरह-तरह के बयान देते हैं. सियासी फायदे के लिए कई बार मर्यादाएं भी लांघ जाते हैं. इसी को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है. जाति, भाषा, धर्म, सेना और संविधान पर बयान देने के मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों को आड़े हाथ लिया है. बीजेपी और कांग्रेस अध्यक्ष को मर्यादा बनाए रखने के लिए औपचारिक नोट जारी करने का निर्देश दिया है. निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी और उसके स्टार प्रचारकों को धार्मिक और सांप्रदायिक आधार पर चुनाव प्रचार करने से दूर रहने का निर्देश दिया है. कांग्रेस से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उसके स्टार प्रचारक ऐसे बयान न दें, जिनसे गलत धारणा बने कि भारत के संविधान को खत्म किया जा सकता है. स्टार कैंपेनरों की ओर से समाज को बांटने का कोई भी बयान नहीं दिया जाए. अन्यथा आयोग प्रचार करने पर पाबंदी लगाएगा. धर्म से जुड़े विवादित बयान स्टार कैंपेनरों द्वारा नहीं दिए जाने चाहिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से चुनाव आयोग ने कहा है कि डिफेंस फोर्सेस को स्टार कैंपेनरों के बेतुके बयानों द्वारा बदनाम नहीं किया जाना चाहिए. अगर ऐसा हुआ तो आयोग पाबंदी लगाने का कदम उठाएगा. चुनाव आयोग ने कांग्रेस  नेताओं से कहा है कि आधारहीन बयानबाजी न करें। मुख्य रूप से संविधान को खत्म करने और अग्निवीर योजना खत्म करने वाले बयान न देने के आदेश दिए गए हैं। कांग्रेस प्रचारकों और उम्मीदवारों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे रक्षा बलों पर राजनीति न करें। साथ ही रक्षा बलों की सामाजिक और आर्थिक संरचना को लेकर विभाजनकारी भाषण न देने का आदेश दिया है।

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