
नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। खण्ड विकास अधिकारी ने गौशालाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो गोवंश मृत मिले तथा सात जिंदगी और मौत से जूझते मिले। इससे जाहिर होता है कि प्रधान और सचिव मिलकर अपनी मनमानी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार विकास खंड अधिकारी गगनदीप सिंह ने शुक्रवार को क्षेत्र की गौशालाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कडिय़ुली गौशाला में विकास खंड अधिकारी को 2 गोवंश मृत मिले तथा तथा 7 गोवंश गंभीर रूप से बीमार मिले। उनके भी शीघ्र ही मरने की आशंका जतायी। गोवंश को ना ही हरा चारा व भूसा खाने को मिल रहा था और ना ही हरे चारे की व्यवस्था थी और ना ही दाना आदि की व्यवस्था। विकास खंड अधिकारी के मुताबिक गौशाला में जो दाने की बोरी रखी थी वह खोली ही नहीं गई। थोड़ा बहुत सूखा भूसा ही डाल दिया जाता है। जिससे गोवंश सिर्फ जिन्दा रह सकें। इसके अलावा कोई डाक्टर आदि भी बीमार गोवंश का इलाज करने नहीं जाता है। जिससे बीमार गोवंश इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। विकास खंड अधिकारी ने इसकी जानकारी जब उच्चाधिकारियों को दी, तो उनका भी पारा चढ़ गया और तुरन्त संबंधितों पर कार्यवाही करने की बात कही। वहीं विकास खंड अधिकारी ने साहबगंज गौशाला का निरीक्षण किया। जिसमें 3 गोवंश मृत पाए गए तथा 5 गोवंश गंभीर हालत में बीमार पाए गए और उनके पास चारे आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। जिस पर विकास खंड अधिकारी ने ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव से खासी नाराजगी जताई दोनों गौशालाओं के निरीक्षण में बेहद गंदगी पाई गई जबकि विकास खंड अधिकारी के मुताबिक विकास खंड कार्यालय क्षेत्र में तैनात ग्राम सफाई कर्मचारियों को गौशाला में भेजकर सफाई कराई जाती है उसके बावजूद भी बेहद गंदगी पाई गई। जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव तथा पशु चिकित्सा सभी दोषी पाए गए। विकास खंड अधिकारी ने फोन द्वारा पशु चिकित्सा विभाग में जानकारी दी तो सूचना पाकर तुरंत मौके पर पहुंचे मवेशी के डॉक्टर और गोवंशों का इलाज करने लगे।
जिस पर बीडीओ ने पशु चिकित्सा विभाग के डाक्टर को नोटिस जारी किया। वहीं ग्राम प्रधान ग्राम सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विकास खंड अधिकारी ने बताया की फोन द्वारा उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
