फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। फतेहगढ़ शहर की ऐतिहासिक गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल लोको रोड स्थित दरगाह हजरत मखदूम शाह सय्यद शाहबुद्दीन औलिया रह0 अलैह के आस्ताने पर रबीउल अव्वल के महीने की चांद की 5 तारीख को पड़ी नौचंदी जुमेरात, अकीदत के साथ फातिहा ख्वानी कर मनाई गई। दरगाह शरीफ में फजर की नमाज के बाद से चादर पोशी और फातिहा का दौर चला।
हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की प्रतीक दरगाह पर नौंचदी जुमेरात पर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। दरगाह के नायब सज्जादा नशीन की सरपरस्ती में फातिहा ख्वानी कर चादर पोशी कर जिसमें बड़ी तादाद में भीड़ उमड़ी और अपने अपने तरीके से अकीदत पेश की। मौलाना शोएब आतिर मदारी ने माहे रबीउल अव्वल के महीने की फजीलत बयान की। रबीउल अव्वल इस्लामी साल का तीसरा महीना है, यह महीना मुसलमानों के लिए महान, फजीलत वाला और सम्मान का हकदार है। इसका कारण यह है कि इसी महीने में हमारे प्यारे नबी हजरत मुहम्मद (स) की पैदाइश, हिजरत और विसाल (इंतकाल) जैसे महत्वपूर्ण वाकिए पेश आए। रबीउल अव्वल में ही नबी (स) मक्का से मदीना हिजरत फरमा कर पहुंचे। यह वाकिया इस्लाम की तारीख में एक अहम मोड़ था, क्योंकि इसी हिजरत से इस्लामी समाज की बुनियाद रखी गयी। उधर खानकाह के नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम चिश्ती साबरी मुजद्दिदी ने तकरीर कर कहा मोहब्बत सभी से नफरत किसी से नहीं और आज इसी पैगाम को हर खानकाह या दरगाह को आम करने की जरूरत है, क्योंकि इन सूफियो ने अपनी खानकाह के दरवाज़े पूरी आलमे इन्सानियत के खोल रखे है। साथ ही मुल्क की तरक्की, आपसी भाई चारे अमन और अमान के लिए दुआएं की गई। इस मौके पर मिनहाज उर्फ लवली अंसार साबरी, रफत हुसैन, मुहम्मद हनीफ उर्फ़ बबलू, आकिब खान, अजहर हुसैन, मुबीन साबरी, आफताब साबरी, अजहर हुसैन, फरहान साबरी, शिवम, आकाश आदि मौजूद रहे।
लोको दरगाह पर नौचंदी जुमेरात में अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़
