शाहजहांपुर में पुलिस ने साइबर ठगों के सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश किया है. लगभग 14 राज्यों में डेढ़ करोड़ से ऊपर की ठगी करने वाले गिरोह के 10 सदस्यों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा मे एटीएम,पासबुक आदि बरामद की है. शाहजहांपुर में लोगों को लालच देकर खाते खुलवाने के बाद उनसे साइबर ठगी की रकम निकलवाने वाले गिरोह के दस सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 32 पासबुक मिली हैं। इन खातों से 1.55 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। इसके अलावा दस चेक और 16 डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं। गिरोह का नेटवर्क भारत के 14 राज्यों से जुड़ा है। मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी चंदन की जिला जेल में बिहार के युवक से मुलाकात हुई थी। उसने साइबर ठगी के गिरोह के बारे में बताया था। जेल से बाहर आने के बाद चंदन उससे मिलने गया था। वहां से आने के बाद उसने जिले में अपना गिरोह तैयार कर लिया। वे लोग आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित लोगों को दो से पांच हजार रुपये देकर खाता खुलवाकर डेबिट कार्ड, पासबुक अपने पास रख लेते थे। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने चंदन मिश्रा के साथ ही मोहल्ला बाबूजई निवासी मोहन सक्सेना व मोनू रस्तोगी, मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी समीर गुप्ता, मघई टोला निवासी अनुभव गौतम, मोहम्मद जई निवासी अर्जुन, रोशनगंज निवासी अभिषेक यादव, बड़ी विसरात निवासी केशव केवट, मोहल्ला किला निवासी जावेद हसन, मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी करन राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के शाहजहांपुर के सदस्यों को एक खाता खुलवाने पर चार से आठ हजार रुपये मिलते थे। गिरफ्तार किए गए 10 ठगों के पास से अलग-अलग बैंकों की 32 पासबुक, 10 चेक बुक, 10 एटीएम कार्ड और कई पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए. पूछताछ में साइबर ठगों ने बताया कि बिहार और बंगाल में इन्होंने 200 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते खोल रखे हैं. पुलिस को 32 बैंक खातों से 1.55 करोड़ रुपये की डिटेल्स मिली हैं.
14 राज्यों में करोड़ों की ठगी करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश
