समृद्धि न्यूज। फर्रुखाबाद निवासी गौरव यादव जो वर्तमान में बांदा में डायल 112 पर तैनात था, जिसने अपनी मासूम बेटी की हत्या और पत्नी को मरणासन्न कर दिया था। घटना के छह दिन बाद पीआरवी सिपाही गौरव यादव का शव यमुना नदी से जुड़े एक नाले से बरामद हुआ है। घटना के बाद सिपाही ने यमुना में छलांग लगा दी थी। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। पत्नी अभी भी कानपुर में कोमा में है।
जानकारी के मुताबिक जनपद फर्रुखाबाद के थाना मऊदरवाजा के ग्राम कुंइया बूट गांव निवासी सिपाही गौरव यादव ने बीते बुधवार की रात जनपद बांदा के मरका थाने से करीब एक किलोमीटर दूर किराये के मकान में पत्नी शिवानी व इकलौती बेटी परी को तवे से हमला कर मरणासन्न कर दिया था। घटना के बाद बेटी की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी का कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी भी वह कोमा में है। जिसके बाद सिपाही ने यमुना पुल के पास अपने दोनों मोबाइल रखकर छलांग लगा दी थी। बताया गया कि उसने रोते हुए अपने पिता व भाई को फोन से घटना की जानकारी दी थी। घटना के बाद से हत्यारोपित सिपाही की नदी में कमासिन व फतेहपुर जनपद तक खोजबीन की गई थी। एसडीआरएफ टीम राज्य आपदा मोचन बल को लखनऊ से बुलाया गया था। सोमवार सुबह जब नदी में खोजबीन फिर से शुरू की गई तो उसका शव नदी से जुड़े कुंडिया नाला में काई व जाल में फंसा मिला। बताते चले कि यमुना नदी में पांच दिनों तक सिपाही का शव न मिलने से मरका थाने के निरीक्षक मिथलेश कुमार रविवार को फर्रुखाबाद गए। एसआई दुर्ग विजय ने बताया कि सूचना मिलने पर फर्रुखाबाद टीम जाने की जगह कानपुर में रुक गई। वहां हत्यारोपित सिपाही की घायल पत्नी का हाल चाल ले रहे हैं। यदि घायल पत्नी को होश आ जाएगा तो वह उसके बयान भी अस्पताल में दर्ज करेंगे। बताया कि फर्रुखाबाद जनपद के ग्राम कुंइया बूट निवासी हत्यारोपित सिपाही गौरव यादव का शव मिलने की जानकारी होने पर उसका बड़ा भाई बैंक के फील्ड अफसर सौरभ दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ शव लेने आया। बड़े भाई ने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड एडीओ पंचायत अरविंद कुमार व मां पुष्पा वृद्ध है। उन्होंने भाई का शव बरामद होने की जानकारी उन्हें नहीं दी।
बांदा: बेटी की हत्या करने वाला सिपाही का नाले में मिला शव
