उन्नाव, समृद्धि न्यूज। बीघापुर-पुरवा मार्ग पर मगरायर गांव स्थित लक्षेश्वर मंदिर के पास एक युवक का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। शव देखकर राहगीरो पुलिस सूचना दी । सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी मधुप नाथ मिश्र और बीघापुर कोतवाली प्रभारी राजपाल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास के लोगों से उसकी पहचान कराने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार बीघापुर कोतवाली क्षेत्र के मगरायर गांव निवासी सुरेंद्र दीक्षित 35 वर्ष पुत्र हरी बाबू के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचित किया। मृतक सुरेंद्र दीक्षित अविवाहित था और जाजमऊ की एक फैक्ट्री में काम करता था। वह प्रतिदिन गांव से जाजमऊ ड्यूटी पर आता-जाता था।
परिजनों ने बताया कि सुरेंद्र 4 फरवरी को घर आया था, लेकिन उसके बाद तीन दिनों तक ड्यूटी पर नहीं गया। शुक्रवार शाम वह घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह उसका शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। शव मिलने की सूचना पर मृतक के पिता हरी बाबू, चाचा राधा कृष्ण और बड़ा भाई राजेंद्र मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही परिवार में मातम छा गया।
पिता हरी बाबू ने बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेंद्र के चेहरे, सिर और छाती पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं, जो सामान्य मौत की ओर इशारा नहीं करते। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी मधुप नाथ मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
