
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सेवा पंचाल नगरी द्वारा दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मान्यवर कांशीराम राजकीय महाविद्यालय में दीपावली की पूर्व संध्या पर दीप उत्सव कार्यक्रम मनाया गया। जिसमें प्राचार्य डॉक्टर शालिनी, मुख्य अतिथि समाज सेविका श्वेता दुबे ने भाग लिया। स्वेता दुबे ने कहा कि प्रभु श्री राम 14 वर्ष का वनवास और रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे। इसलिए दीपावली मनायी जाती है। सुदेश दुबे ने बताया है कि दीपावली संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है दीप-आवली। सिद्धार्थ भाटिया ने कहा है कि दीप का अर्थ होता है दीपक तथा आवली का अर्थ होता है शृंखला जिसका मतलब हुआ दीपों की शृंखला या दीपों की पंक्ति। दीपावली का त्योहार कार्तिक मास के अमावस्या के दिन मनाया जाता है। कार्यक्रमम संयोजक वैभव सक्सेना ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा यह त्योहार दुनिया भर के लोगों द्वारा संचालित किया जाता हैं। इस मौके पर राहुल, ज्ञानदीप श्रीवास्तव, नितिन गुप्ता वैभव, प्रबल आदि लोग मौजूद रहे।

