फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कुख्यात डकैत कलुआ गिरोह का सरगना देवेंद्र फौजी को लूट डकैती हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है। न्यायाधीश ने सजा के बिंदु के लिए 25 सितंबर की तिथि निर्धाति की है।
बताते चले कि करीब 20 वर्ष पहले राजाराम यादव उर्फ कलुआ यादव के गैंग का कायमगंज-कम्पिल क्षेत्र से लेकर जनपद बदायूं, शाहजहांपुर तक आतंक था।
जनपद शाहजहांपुर के परौर थाने के गांव पूरन नगला निवासी कलुआ यादव का आसपास के जिलों में काफी आतंक था। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में 4 मार्च 2001 को गांव अहमदगंज के निकट बदमाश कलुआ से मुठभेड़ के दौरान कांस्टेबिल शांतिराम शहीद हो गये थे। डकैत उनकी रायफल भी लूट ले गए थे और फिर 26 मार्च 2003 को कंपिल क्षेत्र में कारव की कटरी में कलुआ से मुठभेड़ में तत्कालीन कंपिल थाना प्रभारी राजेश कुमार, मेरापुर थाने के दारोगा उदयवीर सिंह, कंपिल थाने के कांस्टेबल उमेश चंद्र व पीएसी कांस्टेबल सेवाराम यादव भी मुठभेड़ के दौरान हुए शहीद हो गये थे। कलुआ गैंग पुलिस कर्मियों के असलहे व वायरलेस भी लूट ले गये थे। इस मुठभेड़ में दारोगा विवेक श्रीवास्तव, सिपाही मुन्ना सिंह, सूरज सिंह, मोहर सिंह, रक्षपाल सिंह, पीएसी के साधू राम सहित आठ लोग घायल हुए थे। उसके बाद जनवरी 2006 में बरेली पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में कलुआ को पुलिस ने मार गिराया गया था।
कुख्यात डकैत कलुआ गिरोह का सरगना देवेंद्र फौजी पर दोषसिद्ध
