दिल्ली और उत्तर प्रदेश में घना कोहरा, हर तरफ कोहरे की मोटी चादर

समृद्धि न्यूज। सोमवार सुबह दिल्ली एनसीआर की सडक़ें घने कोहरे की चादर में लिपटी नजर आईं। कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे चली गई। सडक़ों पर वाहन बेहद धीमी रफ्तार से चलते दिखे। वहीं, दमघोंटू हवा ने राजधानी की चिंता और बढ़ा दी है। सोमवार सुबह दिल्ली एनसीआर में घना कोहरा देखने को मिला।

उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्वी राज्यों में भी कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही। आगरा और प्रयागराज में जीरो विजिबिलिटी के चलते लोगों को खासी परेशानी हुई। सडक़ों पर गाडिय़ां रेंगती हुई नजर आईं। रविवार और शनिवार को कोहरे के कारण यूपी और हरियाणा में कई जगहों पर हादसे हुए थे। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सुबह के समय बेहद सावधान रहने और धीमी गति में गाड़ी चलाने की अपील की है। आज भी राजधानी को स्मॉग की मोटी परत ने घेर लिया है।

सरदार पटेल मार्ग में एक्यूआई AQI 483 दर्ज किया गया है, जो सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड CPSB के अनुसार गंभीर कैटेगरी में है। वहीं पंडित पंत मार्ग में एक्यूआई 417, बाराखंबा रोड पर 474 एक्यूआई है। अक्षरधाम इलाके में 493 एक्यूआई दर्ज किया गया है। बारापुला फ्लाईओवर में एक्यूआई 433 है, जिसे सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड CPSB के अनुसार गंभीर कैटेगरी में रखा गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी यूपी, उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है। वहीं, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो चुकी। आने वाले दिनों में इसमें इजाफा हो सकता है। आईएमडी ने कर्नाटक और तेलंगाना में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। वहीं सुबह के समय उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 15 एवं 16 दिसंबर को घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की बहुत संभावना है तथा 15 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में अत्यंत घना कोहरा रहने की संभावना है। वहीं दिल्ली में प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन, खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ऐसे में शनिवार शाम से दिल्ली में ग्रैप-4 के कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है। ग्रैप स्टेज-4 लागू होने के बाद कक्षा 9 तक और 11वीं के छात्रों की पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड कराई जाएगी। यानी जहां मुमकिन हो पाएगा, वहां बच्चे स्कूल आकर पढ़ सकेंगे और साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी खुला रहेगा।

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