19वें धार्मिक अनुष्ठान में श्रीकृष्ण जन्म व सीता की खोज का हुआ प्रसंग
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गंगा नगर कालोनी में चले १९वें धार्मिक अनुष्ठान के पंचम दिवस पर आचार्य दाताराम अग्निहोत्री ने भगवत कथा सुनाते हुए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कहा मथुरा के राजा उग्रसेन के पुत्र कंस अपनी बहन देवकी को रथ पर बैठाये लिये जा रहा था, तभी आकाशवाणी हुई कि हे कंस इसी बहन के आठवीं संतान द्वारा तुम्हारी मृत्यु होगी। कंस ने रथ को रोका और देवकी को वसुदेव के साथ बंदी बनाकर कारागार भेज दिया। देवकी की संतानों को कंस बारी-बारी से हत्या करता रहा। जब उनकी आठवीं संतान हुई तो रात के १२ बजे एकदम घनघोर बारिश हुई और पहरेदार सहित सभी सो गये, तभी वसुदेव अपने पुत्र को सूप में रखकर उसकी रक्षा के लिए यमुना पार कर नंदबाबा के यहां गोकुल ले गये। उसी दौरान यमुना का पानी बढऩे लगा। यमुना ने जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के पैर छुए और अपने आप शांत हो गयी, तभी आकाशवाणी हुई कि हे कंस तुम्हे मारने वाला पैदा हो चुका है। वहीं दूसरी ओर मानस वक्ता रामबाबू पाठक ने सुंदर काण्ड की कथा सुनाई। जब सुग्रीव और हनुमान जी ने राम की मित्रता करायी। सुग्रीव ने सीता की खोज के लिए सभी वानरों को भेजा और हनुमान जी को सीता जा का पता लगाने के लिए लंका भेजा। लंका पहुंचकर वहां उनकी भेंट विभीषण से हुई। उन्होंने सीता जी का पता बताया। अशोक वाटिका पहुंचकर हनुमान जी ने माता सीता से भेंट की और श्रीराम का समाचार बताया। यह सुनकर माता सीता व्याकुल हो उठी। साथ ही कथा प्रांगण में सुंदर काण्ड पाठ का आयोजन हुआ। संचालन महेश पाल सिंह उपकारी ने किया। इस मौके पर मनोज अग्निहोत्री, प्रवेश मिश्रा, अवधेश पाण्डेय, निर्दोष शुक्ला, अखिलेश त्रिवेदी, वैभव सोमवंशी, ऋषिपाल सिंह, रामबाबू मिश्रा, सर्वेश अवस्थी, शिव कुमार मिश्रा, अमित बाजपेयी, अनमोल मिश्रा, मोनू, सोनू व बिहारी अग्निहोत्री आदि लोग मौजूद रहे। सुंदर काण्ड पाठ में १०८ लोगों ने भाग लिया।
सुंदर काण्ड पाठ में भक्तों ने बढ़-चढक़र लिया भाग
