हलिया (मिर्ज़ापुर)। गुरूवार को नववर्ष पर गड़बड़ा धाम मां शीतला माता तथा कोटार नाथ भगवान शिव, माता पार्वती के दर्शन पूजन करने के लिए सुबह कोहरे की बिना परवाह किए महिला पुरुष भक्तों ने सेवटी नदी व अदवा नदी में आस्था की डुबकी लगा कर कतारों में खड़े होकर दर्शन पूजन पूजन किया। श्रद्धा भाव से नारियल चुनरी माला प्रसाद भेंट चढ़ाया। गड़बड़ा धाम में मां शीतला माता के दरबार में मंदिर का कपाट खुलते ही पुरुष भक्तों की अपेक्षा महिला भक्तों की अधिक भीड़ रही। दाम्पत्य जीवन की सुखमय कामना हेतु सत्यनारायण कथा भी सुनी। वहीं कोटार नाथ शिव धाम में भगवान शिव तथा माता पार्वती के दर्शन पूजन के बाद अदवा नदी में भक्तों ने बाटी चोखा का लुत्फ उठाया। गड़बड़ा धाम मंदिर प्रबंधक सुभाष चंद्र शुक्ला व ज्ञान शुक्ल ने बताया कि लगभग 25 हजार से अधिक भक्तों ने माता के दरबार में पहुंच कर दर्शन पूजन किया। कोटार नाथ शिव धाम के पुजारी शिव राम गिरि व जै राम गिरि ने बताया कि भोर से ही 20 हजार भक्तों ने भोले नाथ का जलाभिषेक कर शीश नवाया है। सिकटा स्थित मुडलेश्वरी देवी पर पुजारी हृदय नारायण ने बताया कि सैकड़ों भक्तों ने नव वर्ष माँ का पूजन किया। इसी तरह से औरा स्थित परमहंस आश्रम में स्वामी अड़गड़ानंद महाराज की धुई पर हजारों भक्तों ने शीश नवा कर आशीर्वाद लिया इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया।
नववर्ष पर मां विन्ध्यवासिनी के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
श्रद्धालु अन्य मंदिरों पर भी पहुंचे, पहाड़ी पर स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया
विन्ध्याचल (मिर्जापुर)। नववर्ष पर माँ के दरबार में दर्शन पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद दर्शन पूजन के लिए मंदिर के दोनों प्रवेश द्वार एवं झांकी पर श्रद्धालुओं की करीब पांच-पांच सौ मीटर लंबी लाइन लग गयी। मां विंध्यवासिनी के जयकारे से विंध्यधाम की गलियां गूंजती रही। मां का दर्शन पूजन करने के बाद श्रद्धालु अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों पर पहुंच कर दर्शन पूजन किए। इसके बाद पहाड़ी पर बांटी-चोखा का लुत्फ उठाया। विंध्य पहाड़ी का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
