भूसा संग्रहण हेतु 15 अप्रैल से प्रारंभ है विशेष अभियान, जनप्रतिनिधियों एवं दानदाताओं का लिया जाए सहयोग।
समृद्धि न्यूज़ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने भूसा संग्रहण हेतु गत 15 अप्रैल से प्रारंभ विशेष अभियान के तहत प्रदेश के सभी गोआश्रय स्थलों हेतु भूसे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने कहा है कि ब्लाक स्तर,पंचायत स्तर पर विकेन्द्रीकृत रूप से भूसा क्रय किया जाये।सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूसा हेतु जन प्रतिनिधियों,दान दाताओं एवं समाज सेवियों का भी सहयोग जरूर लें।श्री सिंह ने कहा है कि गोशालाओं का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से किया जाए।माह अप्रैल, मई व जून की गर्मी के दृष्टिगत गोवंश को धूप व लू से बचाने हेतु शेड की व्यवस्था,स्वच्छ पानी, बिजली,हरा चारा और पर्याप्त औषधियों की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।पशुधन मंत्री बुधवार विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गत 15 दिनों में किए गए कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गौ-आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश हेतु भूसे-चारे, पानी,प्रकाश औषधियों की कोई कमी न होने पाये और गोचर भूमियों पर हरा चारा भी उगाया जाय।दवाओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये।तीन माह के निर्धारित लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर रखते हुए कार्य किया जाये।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव हेतु गोवंशों को रेडियम बेल्ट पहनाये जाने के लिए आगामी 20 अप्रैल से एक माह के विशेष अभियान को सभी सीवीओ सफल बनायें।श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौपालन, कुक्कुट पालन,बकरी पालन, भेड़ पालन तथा सूकर पालन हेतु संचालित योजनाओं के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय को बढ़ाने पर तेजी से कार्य किया जाए,जिससे वह पूर्णतः आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी बन सके। उन्होंने कहा कि गोसंरक्षण कार्यों में उदासीनता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का समुचित लाभ किसानों एवं पशुपालकों को मिले,इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें और योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।साथ ही गोशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।दुग्ध विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु समितियों की संख्या निरंतर बढ़ाकर उन्हें मजबूत किया जाये।निष्क्रिय समितियों को क्रियाशील कर उन्हें पुनः संचालित कराया जाये।वर्तमान में संचालित समितियां किसी भी कारण से बंद न होने पायें। किसानों को दुग्ध भुगतान प्रत्येक माह सुनिश्चित किया जाये।पराग उत्पादों की मार्केटिंग मजबूत की जाये।दुग्ध समितियों का भ्रमण एवं अनुश्रवण निरंतर किया जाये।बैठक में प्रमुख सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास के. रविंद्र नायक ने मंत्री जी को भूसा संग्रहण एवं गोशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में अवगत कराया और आश्वस्त किया कि उनसे प्राप्त निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि भूसा संग्रहण हेतु प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए ताकि गोशालाओं में वर्ष पर्यन्त चारे-भूसे की कमी न होने पाये और गोवंश की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, पशुधन विभाग के विशेष सचिव, देवेन्द्र पाण्डेय,विशेष सचिव, दुग्ध विकास राम सहाय यादव, दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्र, पशुधन विभाग के निदेशक, प्रशासन एवं विकास डॉ जयकेश पाण्डेय,यूपीएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ पी.के. सिंह,पीसीडीएफ के समन्वय डॉ मनोज तिवारी,नयन तारा तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
किसानों को दुग्ध भुगतान प्रत्येक माह सुनिश्चित किया जाये-धर्मपाल सिंह
