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संयुक्त निरीक्षण में कहीं मिली अव्यवस्था तो कहीं गैरहाजिर रहे जिम्मेदार।

राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर, राजकीय महिला शरणालय व शक्ति सदन (स्वाधार गृह) का किया गया औचक निरीक्षण।

समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशन तथा जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष गौरव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सोमवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर, राजकीय महिला शरणालय व शक्ति सदन (स्वाधार गृह) का निरीक्षण किया गया।यह निरीक्षण आश्रय गृह निरीक्षण समिति सदस्य नूरी अंसार,अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शैलेन्द्र सिंह यादव और प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड साक्षी सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।निरीक्षण के दौरान राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर में कुल 112 किशोर तथा राजकीय महिला शरणालय में कुल 19 संवासिनियों सहित चार बच्चें भी संवासित पाए गए।इन महिला संवासिनियों को सिलाई बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।इसी क्रम में आश्रृय गृह शक्ति सदन में कुल 18 लड़किया और सात बच्चे संवासित पाए गए।राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर में काफी गंदगी और अव्यवस्था पायी गयी, जिससे बीमारियों की बढ़ने की आशंका है।इस संबंध में दायित्वधीन कर्मचारियों को साफ सफाई की व्यवस्था कराने के लिए निर्देशित किया गया।राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर के अधीक्षक नमन गुप्ता अनुपस्थित पाये गये और संस्था में लगे तीनों ए०सी० कार्यरत नही थे।इस संबंध में संस्था में केयर टेकर को तत्काल ए०सी० ठीक कराये जाने हेतु पत्राचार करने के लिए निर्देशित किया गया।महिला शरणालय में साफ सफाई संतोषजनक पायी गयी। अधीक्षिका द्वारा अवगत कराया गया कि समय समय पर चिकित्सक द्वारा मानसिक रूप से बीमार संवासिनियों को दवा दी जा रही है।महिला शरणालय की अधीक्षिका को सभी संवासिनियों की काउन्सिंलिग कराने तथा विभिन्न सर्वांगीण विकास हेतु गतिविधियाँ कराये जाने के लिए निर्देशित किया गया जिससे उनका सम्पूर्ण विकास हो सके। समिति के औचक निरीक्षण के दौरान शक्ति सदन (स्वाधार गृह) के आश्रय गृह में काफी अव्यवस्था पायी गयी।न्यायिक अधिकारियों द्वारा पंजिकाए जाँच किये जाने के दौरान काफी असमानताए पायी।इस पर अधीक्षिका को पंजिकाए पूर्ण रूप से सही कराने के लिए निर्देशित किया गया।शक्ति सदन में निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका अनुपस्थित पायी गयी और कुछ देर बाद उपस्थित आयी।पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि जिला प्रोबेशन कार्यालय गयी थी। अश्रय गृह समिति द्वारा पंजिकाओं का अवलोकन किये जाने पर आगुन्तकों का कोई पहचान पत्र नही लिया जाता है।मेल मिलाप के दौरान संदिग्धता प्रतीत हुई।इस संबंध में पूछने पर अधीक्षिका द्वारा स्पष्ट रूप से बता पाने में असमर्थ रही,जो कि घोर लापरवाही का द्योतक बताया गया।निरीक्षण समिति द्वारा अधीक्षिका शक्ति सदन को निर्देशित किया गया कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।समिति द्वारा संस्था के साफ सफाई पर नाराजगी व्यक्त की गई।समिति द्वारा निर्देशित किया गया कि बारिश के मौसम में सीलन की समस्या न हो,संस्था के साफ सफाई पर विशेष ध्यान दे एवं पूर्ण स्वच्छता बरती जाए। निरीक्षण समिति द्वारा सभी किशोर/किशोरियों को समझाया गया कि सभी आपस में मिलजुल कर रहे।प्राधिकरण सचिव द्वारा किशोरो को विधिक जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि यदि किसी अपचारी किशोर के पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अपने मुकदमे की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता/लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल की सुविधा प्रदान की जाती है जिससे किसी अपचारी किशोर को कोई समस्या हो तो वह लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।

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