साइबर ठगी से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने किया जागरुक

अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। लोगों से ठगी करने के नए-नए तरीके लगातार सामने आ रहे हैं। कोई अपनी भाषा शैली से किसी को ठग लेता है, तो कोई अपने हुनर से किसी के धन पर कब्जा करने में कामयाब हो जाता है, लेकिन पढ़े-लिखे नौजवान अब ठगी करने के तरीके को बदल चुके हैं। इन्होंने बिना किसी बातचीत के सीधे बैंक अकाउंट पर ही डकैती डालने का हुनर ईजाद कर लिया है। इसी हुनर को साइबर क्राइम का रूप दिया गया। यह नौजवान बेरोजगारी के दंश को झेलते हुए कब क्राइम की दुनिया में कदम रख देते हैं यह खुद ही नहीं जान पाते। बाद में पकड़े जाने पर इनका जीवन खराब हो जाता है और परिवार की भी बदनामी होती है। साइबर सुरक्षा सेल के अधिकारी लगातार लोगों को जागरुक करते रहते हैं और इन साइबर क्राइम करने वालों पर नजर भी रखते हैं, परंतु यह अपराध इतना बढ़ चुका है कि अब जिले के आला अधिकारियों को क्राइम से निपटने के लिए स्वयं मैदान में उतरना पड़ा। जिलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान ने अमृतपुर के तहसील सभागार में क्षेत्र के संभ्रात लोगों को बुलाकर एक बैठक का आयोजन किया। 1 घंटे चली इस बैठक की कमान जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान क्षेत्राधिकार व साइबर सेल के अधिकारियों ने संभाल रखी थी। उन्होंने लोगों को निर्देशित करते हुए 10 बिंदुओं के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई लेनदेन न करें। केवाईसी के बारे में सतर्क रहें। अपरिचित मैसेज को यस ना कहें। कंप्यूटर साइबर के बारे में सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी के बारे में जानकारी न दें। फेसबुक पर लड़कियों की फर्जी आईडी को लेकर हमेशा सतर्क रहें और लोगों को इस बारे में जानकारी देते रहें। ऑनलाइन सुविधा प्राप्त करने से पहले अच्छी तरीके से जांच लें। ऐसी ही अन्य जानकारियां देते हुए अधिकारियों ने सभी को सतर्क रहने के लिए कहा। साइबर सेल के कर्मचारी आशीष कुमार इस मामले की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने लोगों की सुविधाओं के लिए गांव-गांव जाकर जानकारी देने के बारे में बताया। साइबर क्राइम से अमीर, गरीब, व्यापारी, किसान, मजदूर सभी लोग ठगे जाते हैं। कहीं कॉलोनी के नाम पर, कहीं सिम पर इनाम निकलने को लेकर, कहीं काम दिलाए जाने और कभी-कभी बिना ब्याज के पैसा दिए जाने को लेकर ठगी करने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। कई बार इसी साइबर क्राइम को लेकर ऐसी सूचनायें भी प्राप्त हुई है जिसमें संभ्रांत लोगों को इन साइबर क्राइम करने वाले अपराधियों ने हाउस अरेस्ट कर लिया और फिर उनके लाखों रुपए से लेकर करोड़ों रुपए तक साफ कर दिए। अगर अधिकारियों, कर्मचारियों शासन और प्रशासन द्वारा लगातार की ठगी से बच पाएंगे।

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