ब्लाक के निरीक्षण में खामियां देख जिलाधिकारी का चढ़ा पारा

 कर्मचारियों को सुनाईं खरी खोटी, कई कर्मचारी मिले गैरहाजिर
मनरेगा कार्यालय में मिला एक कर्मचारी, उपस्थिति रजिस्टर ले गये साथ
नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। जिलाधिकारी ने विकास खंड कार्यालय परिसर में बने सभी विभागों का औचक निरीक्षण किया। खामियां मिलने पर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने ठेकेदार तथा कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाईं।
जानकारी के अनुसार नवाबगंज विकास खंड कार्यालय पर गुरुवार सुबह 11:30 बजे पहुंचे जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम नवनिर्मित कृषि गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नवनिर्मित गोदाम की बिल्डिंग में कई तरह की खामियां मिलीं। इसको देखकर जिलाधिकारी झल्ला गए। उन्होंने ठेकेदार तथा विभाग के कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि इससे संबंधित जो भी कर्मचारी हैं वह सभी दस्तावेज लेकर कार्यालय में उपस्थित हो और कार्य की गुणवत्ता को सही करें। बिल्डिंग गोदाम कोई रोज नहीं बनती है। जिस तरह से बिल्डिंग बन रही है, उससे साफ जाहिर होता है कि साल 2 साल ही चलेगी। इसको देखकर जिलाधिकारी और वहां मौजूद कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाईं। वही आंगनबाड़ी कार्यालय के डीपीओ ऑफिस में जिला अधिकारी घुस गए और उन्होंने देखा, तो बोर्ड के तार बाहर निकले थे। जिस पर सीडीपीओ से नाराजगी जाहिर की। जिस पर उन्होंने बताया कि यहां का बाबू आता ही नहीं है जो किसी तरह का कार्य कराया जाए, तभी जिलाधिकारी ने बिल्डिंग में मिलीं खामियां देखकर उनसे जानकारी मांगी, तो उन्होंने बताया कि यह कार्यालय की बिल्डिंग भी दोबारा बनाई जाएगी। यह बात सुनकर जिलाधिकारी इंचार्ज सीडीपीओ सुनीता उपाध्याय पर भडक़ गए और कबाड़ में खड़ी दो विभागीय कार व जीप को नीलाम करने की बात कही। जिस पर उन्होंने बताया कि यह मामला डीपीओ के स्तर से होगा, तो उन्होंने इंचार्ज सीडीपीओ सुनीता उपाध्याय से कहा कि आप किस लिए यहां बैठे हैं। रिपोर्ट आपकी ही जानी है। सीडीपीओ के बताने से जिलाधिकारी नाराज हो गए और उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि कहो तो आपको घर बैठा दूं। विकास खंड कार्यालय में बने मीटिंग हाल का निरीक्षण किया। इसके बाद कार्यालय परिसर में ही बने जिम पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक आलोक दीक्षित से पार्क के बारे में जानकारी ली। जिस पर आलोक दीक्षित ने बताया कि पार्क में सुचारू रूप से लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें कोई नहीं आता होगा, क्योंकि इतनी बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। कहीं पर किसी व्यक्ति के घूमने के कोई पदचिन्ह नहीं दिख रहे हैं। तब जिलाधिकारी ने आलोक दीक्षित और कनिष्ठ सहायक राज भारती को निर्देशित करते हुए बताया कि आप कार्यालय परिसर में बने पार्क की सफाई कर्मचारी लगाकर जल्द से जल्द करायें। जिलाधिकारी ने मनरेगा कार्यालय का निरीक्षण किया, तो ना ही वहां अधिकारी मौजूद मिले और नहीं कंप्यूटर ऑपरेटर। मात्र एक ही कर्मचारी विनीत कुमार जो कि विकास खंड परिसर में बने आवासों में ही रह रहा है। वहीं एक कर्मचारी मनरेगा कार्यालय पर मिला षइससे जिलाधिकारी का पार चढ़ गया। एकाउंटेंट कार्यालय में भी ताला पड़ा था। जिस पर जिलाधिकारी ने तुरंत ही उपस्थिति रजिस्टर तलब कर लिया तथा उपस्थिति रजिस्टर को जिला सूचना अधिकारी को लेने के लिए बता दिया। जिस पर जिला सूचना अधिकारी उपस्थिति रजिस्टर लेकर जिलाधिकारी के साथ चले गए। वहीं जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान तल्ख तेवर देख ब्लाक कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। इस मौके पर वरिष्ठ लिपिक आलोक दीक्षित, कनिष्ठ सहायक लिपिक राज भारती, बोरिंग टेक्निकल अधिकारी रविंद्र सिंह, नियोजन विभाग के फॉलोअर इंदल बाबू उपस्थित रहे।

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