ईश्वरदास ब्रह्मचारी समर्थकों के साथ बैठे अनशन पर
आचार्य प्रदीप शुक्ला के साथ मारपीट करने का मामला
अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त किया अनशन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। आचार्य प्रदीप शुक्ला के साथ हुई मारपीट के मामले के बाद मेला रामनगरिया में कार्यवाही को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से जबाबी धरना प्रदर्शन किया गया। पुलिस ने प्रदीप शुक्ला की तरफ से मिली तहरीर पर कार्यवाही का भरोसा दिया है। डीएम ने कहा कि मारपीट किये जाने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता। फिर चाहे वह कोई हो। संत का कार्य शांत कराने का है मारपीट करने का नहीं है।
दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास महाराज ब्रह्मचारी, हिन्दू महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष विमलेश मिश्रा, भाजयुमो प्रदेश मंत्री अंकित तिवारी, महसभा के प्रदेश सचिव सौरभ मिश्रा के साथ बड़ी संख्या में संत मेला रामनगरिया के प्रशासनिक क्षेत्र में पंहुचे और सरकारी पांडाल के भीतर धरने पर बैठ गये। ईश्वरदास महाराज के धरने पर बैठने से पुलिस के हाथ पैर फूल गये। सूचना पर एसडीएम सदर महेंद्र सिंह, सीओ सिटी ऐश्वर्य उपाध्याय, थानाध्यक्ष कादरीगेट आमोद कुमार वार्ता के लिए पहुंचे। ईश्वरदास महाराज ने प्रदीप शुक्ला के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी महंत सत्यगिरि व उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। ईश्वरदास ने कहा कि पूर्व में भी सत्यगिरि महाराज कई बार मेला रामनगरिया में मारपीट कर चुके हैं। उन्होंने महंत सत्यगिरि को मेला क्षेत्र से प्रतिबंधित करने की मांग की। जिस पर एसडीएम सदर ने कार्यवाही का भरोसा दिया। इसके बाद ईश्वरदास महाराज ने धरना फिलहाल स्थागित कर दिया। इस दौरान संत गोवर्धन स्वरूप, उमाशंकर, थानापति दशरथ पुरी, हिन्दू रक्षा मंच के विवेकानन्द आचार्य, हिन्दू सेना शिवम त्रिपाठी, अंकुल गुप्ता, नारायण दत्त द्विवेदी, अखिलेश पाण्डेय, जितेन्द्र कुमार मिश्रा, हिन्दू रक्षा मंच जिलाध्यक्ष विपिन अवस्थी, आदित्य दीक्षित, रानू दीक्षित, डा0 राघवेन्द्र अग्निहोत्री आदि रहे।
संत सत्यगिरि के प्रदर्शन पर पुलिस सख्त, हुई नोकझोंक
संत सत्यगिरि महाराज सुबह लगभग 10 बजे अनशन पर बैठ गये। जब महंत ईश्वरदास महाराज धरना कर वापस लौट गये, तो उसके बाद संत सत्यगिरि अपने साधू संतों के साथ प्रशासनिक परिसर में आ गये। उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से मुलाकात कर बात की। डीएम एक कार्यक्रम में थे। तकरीबन एक घंटे चले धरना प्रदर्शन के बाद अचानक सत्यगिरि महाराज प्रशासनिक पांडाल के बाहर आ गये और धरना छोडक़र सडक़ पर जाम लगाने का प्रयास किया। यह देखकर थाना प्रभारी आमोद कुमार ने उनसे कहा यह सब ठीक नहीं है। इस तरह से आप किसी का रास्ता नहीं रोक सकते। जिस पर थानाध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर की।
जिलाधिकारी ने खड़े-खड़े सत्यगिरि महाराज से की वार्ता
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से संत सत्यगिरि ने खड़े-खड़े वार्ता की। जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि संत का काम शांत रहने का है ना कि मारपीट करने का। संत हो या और कोई किसी को भी मारपीट करने का अधिकारी नहीं दिया जा सकता। सत्यगिरि महाराज ने अंकित तिवारी व विमलेश मिश्रा के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने के मामले में कार्यवाही को शिकायती पत्र डीएम को दिया। डीएम ने कहा कि जो निष्पक्ष कार्यवाही है वही होगी।
