ओवर रेटिंग, टैगिंग किसी भी दशा में नहीं की जायेगी बर्दास्त
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक उर्वरक आपूर्ति करने वाली कम्पनियों के जनपदीय प्रतिनिधि एव थोक विकताओं के साथ सम्पन्न हुई। डीएम ने निर्देश दिये कि जनपद के समस्त खुदरा एवं थोक विकेता अपनी दुकान पर रेटबोर्ड, स्टाकबोर्ड लगाना स्टाक एवं बिक्री रजिस्टर जोकि जिला कृषि अधिकारी द्वारा प्रमाणित होना चाहिए, उसमें उर्वरकों की बिक्री आदि का विवरण प्रतिदिन अंकन किया जाना अनिवार्य है तथा जनपद में उपलब्ध उर्वरक स्टाक की समीक्षा की गयी।
जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता से अधिक उर्वरक उपलब्ध है। आगामी समय में उर्वरक कम्पनियों द्वारा लगातार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। डीएम ने कृषकों से आवश्कतानुसार ही उर्वरक खरीदें। जिन विक्रेताओं के द्वारा अभी तक रजिस्टरों का सत्यापन नहीं कराया है उनको थोक विक्रेताओं के द्वारा उर्वरक की आपूर्ति नहीं की जायेगी। साथ ही विक्रेताओं के द्वारा यूरिया/डीएपी बिक्री करते समय कृषकों को अन्य उत्पादों की टैगिंग कदापि न की जाये। उर्वरक बिक्री करते समय कृषकों से इन्तखाब/खसरा खतौनी/ जोतयही एवं बोई गयी/वोई जाने वाली फसल की जानकारी के उपरान्त सस्तुत मात्रा में उर्वरक का विक्रय करें। यदि थोक विके्रता द्वारा खुदरा विके्रताओं को टैगिंग की जाती है, सम्बन्धित खुदरा विके्रता तत्काल जिला कृषि अधिकारी के संज्ञान में लाना सुनिश्चित करें। कृषकों को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक की बिक्री करते हुए उनको पीओएस मशीन से रसीद निकालकर अनिवार्य रूप से दी जाये। छापे/जाँच के समय जिस विके्रता के पास प्रमाणित रजिस्टरों पर प्राप्त/विक्रय की गयी उर्वरकों का अंकन नहीं पाया जायेगा, उर्वरक विक्रय की रसीद कृषकों को नहीं दी जाती है तथा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लिया जाता है एवं जबरियां टैगिंग की जाती है, तो सम्बन्धित कम्पनी थोक/खुदरा विके्रता के विरुद्ध उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के सुसगत नियमों के तहत कार्यवाही की जायेगी। कृषकों के हित को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि निजी उर्वरक कम्पनियों द्वारा आपूर्ति की जाने वाली उर्वरकों में से 40 प्रतिशत उर्वरक सहकारी समितियों को आपूर्ति की जा रही है।
मेसर्स चम्बल फर्टि0एण्ड केमि0लि0 कम्पनी की डीएपी एवं पोटास की रैक 13 जुलाई को प्राप्त हुई। उसने से 11440 बोरी सहकारी समितियों को आपूर्ति कराई जा रही है। सहकारी एवं निजी क्षेत्र में नियमित उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है। कृषक अपनी आवश्कतानुसार संस्तुत मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करें। उर्वरक क्रय करते समय रसीद अवश्य प्राप्त करें। जनपद में कृषकों की आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध है। जनपद के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र भ्रमण कर उर्वरकों की बिक्री की सतत् निगरानी की जा रही निर्धारित मात्रा से अधिक उर्वरक कृषकों को एक साथ दिये जाने पर जिला कृषि अधिकारी द्वारा विगत सप्ताह में यूरिया उर्वरक की अधिक बिक्री किये जाने पर 04 विकेताओं मेसर्स कुशवाह खाद भण्डार याकूतगंज, यादव कृषि सेवा केन्द्र अमृतपुर, मोहन ट्रेडर्स जनापुर, खुशी कृषि सेवा केन्द्र राजपुर के लाइसेन्स निरस्त कर दिये गये है। आगामी समय में उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी।
डीएम ने जनपद स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक
