पीलीभीत, समृद्धि न्यूज। यह खबर बेहद रोचक है। जिसे डीएम ने खुद अपने सोशल मीडिया एकाउंट से शेयर किया है। हुआ यूं कि कल शस्त्र लाइसेंस की फाइल कराने बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के पास पहुंचे। डीएम ने जब जाना कि आवेदक शिक्षक है, तो एप्लिकेशन एक तरफ रख दी, और शिक्षक से पूछा- बच्चे जमीन पर बैठते हैं, या स्कूल में फर्नीचर है।शिक्षक ने जवाब दिया सर, जमीन पर। फिर क्या था डीएम बोले- शर्म की बात है कि नौजवान होकर भी स्कूलों का बुरा हाल बना रखा है। अगर तुम लोग चाहो तो स्कूल की सूरत बदल जाए। निजी व्यय से पांच-पांच हजार रुपये डालकर फर्नीचर की व्यवस्था की जा सकती है। डीएम ने मौके पर ही संबंधित गांव के सचिव को फोन लगवाया और 14 अगस्त तक फनीर्चर का अल्टीमेटम दे दिया।बहरहाल अब शिक्षक के शस्त्र लाइसेंस की कहानी स्कूल के फर्नीचर पर टिकी है। अगर सचिव और शिक्षक ने जमीन पर बैठ रहे बच्चों के लिए 14 अगस्त तक फर्नीचर की व्यवस्था कर दी तो मास्टर साहब की विरासत वाली शस्त्र लाइसेंस की फाइल हो जाएगी।
डीएम ने खुद आकर निरीक्षण करने की बात कही है तब से शिक्षा और पंचायत दोनों विभागों में हड़कंप मचा है। सचिव तो बोल पड़े- क्या जरूरत थी मास्टर साहब को डीएम साहब के समक्ष जाने की। मामला बरखेड़ा ब्लॉक के एक गांव का बताया जा रहा है।अब शिक्षक और ग्राम पंचायत अधिकारी स्कूल के फर्नीचर के इंतजाम में जुटे हैं। ताकि विरासत का लाइसेंस मिल जाएं। बाकायदा डीएम ने इस घटनाक्रम को अपने सोशल मीडिया एकाउंट से शेयर किया है।
शस्त्र लाइसेंस कराने पहुंचे शिक्षक से डीएम बोले स्कूल में डलवाओ फर्नीचर
