आरटीई नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में डीएम ने ली बैठक

 आरटीई के तहत निजी स्कूलों में तीन चरणों में पूरा होगा प्रवेश
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(ग) अंतर्गत संचालित आरटीई प्रवेश प्रक्रिया (शैक्षिक सत्र 2025-26) के संबंध में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा-1 व पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। चरण आवेदन करने की तिथियां, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र का सत्यापन कर उन्हें लॉक करने की अन्तिम तिथि, लाटरी निकालने की तिथि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालयों में आवंटन के सापेक्ष नामांकन किये जाने हेतु आदेश निर्गत किये जाने की अंतिम तिथि प्रथम चरण २ फरवरी से 20 फरवरी तक व द्वितीय चरण 21 फरवरी से ११ मार्च तक तथा तृतीय चरण 12 मार्च 29 मार्च तक किया जायेगा। प्राविधानुसार गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रवेश की पात्रता हेतु बालक/बालिका का दुर्बल वर्ग अथवा अलाभित समूह का होना अनियार्य है। अलाभित समूह-अलाभित समूह की श्रेणी में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शैक्षिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग तथा नि:शक्त बच्चा एवं एच0आई0वी0 तथा कैंसर पीडि़त माता-पिता अथवा अभिभावक का बच्चा, अनाथ बच्चा चाहे वह बाल गृह में हो, दुर्बल वर्ग-दुर्बल वर्ग की श्रेणी में जिनके माता पिता या सरंक्षक सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत गरीबी रेखा के नीचे के कार्डधारक (अन्त्योदय) हैं। विकलांग/बृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्त करते हैं या जिनकी अधिकतम वार्षिक आय रू0 एक लाख तक है को रखा गया है। आयु सीमा नर्सरी कक्षा हेतु 03 वर्ष या उससे अधिक किन्तु 04 वर्ष से कम, एल0के0जी0 हेतु 04 वर्ष या उससे अधिक किन्तु 05 वर्ष से कम, यू0के0जी0 हेतु 05 वर्ष या उससे अधिक किन्तु 06 वर्ष से कम, कक्षा 1 हेतु 06 वर्ष या उससे अधिक किन्तु 07 वर्ष से कम। डीएम ने निर्देश दिए आरटीई योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र अभिभावकों तक जानकारी पहुँचाने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाए। ऑनलाइन आवेदन में अभिभावकों की सहायता हेतु विकासखंड/नगर क्षेत्र स्तर पर हेल्प डेस्क की स्थापना की जाए। लॉटरी के माध्यम से विद्यालय आवंटन के पश्चात संबंधित निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से बच्चों का नामांकन लिया जाए। यदि किसी अभिभावक द्वारा फर्जी अथवा कूटरचित प्रमाण पत्रों के माध्यम से आवेदन किया गया पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।

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