नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में शनिवार को आयोजित स्वास्थ्य मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक बार फिर मज़ाक बनकर रह गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस मेले में डॉक्टरों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही देखने को मिली। जिसने पिछली बार हुई एक व्यापारी की दर्दनाक मौत की यादें ताज़ा कर दीं।
मेले में दोपहर तक हालात चिंताजनक थे। लगभग साढ़े बारह बजे जब संवाददाता ने मेले का जायजा लिया, तो सीएचसी परिसर में एक भी डॉक्टर, फार्मासिस्ट या वार्डबॉय मौजूद नहीं था। मेले के लिए लगाई गई कुर्सियाँ और मेजें खाली पड़ी थीं। दंत परीक्षण कक्ष, हृदय रोग कक्ष, मरहम पट्टी कक्ष और नेत्र परीक्षण कक्ष जैसे महत्वपूर्ण कमरे ताला लगाकर बंद मिले। यह लापरवाही तब सामने आई है जब अस्पताल में ओपीडी के लिए भी 145 मरीज दवा लेने पहुँचे थे।
स्थानीय लोगों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। कुछ समय पहले इसी सीएचसी की लापरवाही के कारण नगर के व्यापारी नन्हेंलाल गुप्ता की मौत हो गई थी। इस घटना को हमारे समाचार पत्र ने प्राथमिकता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए एक जाँच टीम गठित की थी। जाँच अभी चल ही रही है और मृतक के परिजन दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन शनिवार को हुई घटना ने साबित कर दिया है कि अस्पताल प्रशासन पर जाँच का कोई असर नहीं पड़ा है। क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही को तुरंत संज्ञान में लिया जाए और ड्यूटी से नदारद रहने वाले और आमजन के स्वास्थ्य के प्रति असंवेदनशील चिकित्सकों व कर्मचारियों पर कठोर और ठोस कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी हृदय विदारक घटनाएँ दोबारा न हों।
स्वास्थ्य मेले से नदारद रहे डॉक्टर, तड़पते रहे मरीज
