फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिला मनोविज्ञान प्रवक्ता सुनील कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि परीक्षा से डरना नहीं है। परीक्षा को एक अवसर की तरह समझे। जिससे आपके उद्देश्य के मार्ग की प्राप्ती हो। बोर्ड परीक्षा में छात्र दबाव को महसूस करते है। मनो विज्ञान के अनुसार जब किसी कार्य को परीक्षा का नाम दिया जाता है तो उस कार्य को करने वाले छात्रों में 43 प्रतिशत दबाव आना स्वाभाविक होता है। इस दबाव को दूर करने के लिए परीक्षा को अवसर समझे।

जिससे आप 43 प्रतिशत दबाव से बच सकते है। परीक्षार्थियों को यह समझने की जरुरत है कि जिस अवसर का वह इंतजार कर रहे थे वह आज आपके सामने है। आपको आपने आत्म को यह बताना है कि आपने अभी तक सभी परीक्षायें 1 से 9 तक और 9 से 11 तक पास की है और यह परीक्षा पास करने वाला छात्र कमजोर और डरने वाला नहीं है। इतनी परीक्षायें पास कर चुके है तो इस परीक्षा को भी आराम से पास करेंगे। इससे आपके कार्य का परिणाम अच्छा रहेगा। आपको अपने विषय का पाठ्यक्रम शिक्षक से सावधानी पूर्वक अपनी किताबों से नोट करें और नोट करने तक सरलता से कठिनता की ओर वाले चैप्टर पढ़ते हुए पार करें। लघु उत्तरीय प्रश्न, अतिलघु उत्तरीय प्रश्न, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तैयार करें। एक बाद ध्यान में रखे चैप्टर का नाम अर्थ परिभाषा व दायित्व आदि को पढ़े। जिससे आपके जहन में वस जाये। अपनी तुलना अन्य छात्रों से न करें और नींद अच्छी तरह से लें, जिससे पढ़ाई में मन लगे। प्रतिदिन 10 से 15 मिनट तक शाीरिक व्यायाम करें और अपनी चिंताओं एवं आकांक्षाओं को निगेटिव न लें। हताश होने की कोई जरुरत नहीं। बेचैनी मन में न पाले और परीक्षा में अध्ययन करें।
