समृद्धि न्यूज। सैन्य क्षेत्र में भारत ने आत्मनिर्भरता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ ने लड़ाकू विमान के स्केप सिस्टम का एक सफल उच्च गति रॉकेट स्लेड परीक्षण किया है, जिसकी जानकारी रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को दी। स्वदेशी फेाइटर जेट की सुरक्षा तकनीक के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पायलट की मौत की वजह प्लेन से इजेक्ट न हो पाना बताया जाता है। अब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ ने एक ऐसा ही डायनामिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसने भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है जो खुद ही इतनी जटिल तकनीक को परख सकते हैं।
#WATCH | DRDO (Defence Research and Development Organisation) successfully conducts high-speed rocket sled test of Fighter Aircraft Escape System.
(Video: DRDO) pic.twitter.com/6yuVpFOxVP
— ANI (@ANI) December 2, 2025
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ ने स्वदेशी फाइटर जेट एस्केप सिस्टम विकसित किया है, जो डेवलपिंग फेज में चल रहे लड़ाकू विमानों में लगाए जाएंगे, जिसमें तेजस मार्क-2 और एमसीए है। डीआरडीओ ने फाइटर एयरक्राफ्ट एस्केप सिस्टम का हाई स्पीड रॉकेट स्लेज टेस्ट मंगलवार को सफलतापूर्वक किया। डीआरडीओ ने चंडीगढ़ में टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) की रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (आरटीआरएस) सुविधा में 800 किमी/घंटा की सटीक नियंत्रित गति से लड़ाकू विमान एस्केप सिस्टम का हाई स्पीड रॉकेट स्लेज परीक्षण सफलतापूर्वक किया है। इस परीक्षण में कैनोपी सेवरेंस, इजेक्शन अनुक्रमण और पूर्ण एयरक्रू रिकवरी को मान्य किया गया है। यह परीक्षण एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सहयोग से किया गया। यह जटिल गतिशील परीक्षण भारत को उन्नत इन हाउस एस्केप सिस्टम परीक्षण क्षमता वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल करता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लड़ाकू विमान एस्केप सिस्टम के उच्च गति रॉकेट स्लेज परीक्षण के सफल संचालन पर डीआरडीओ, आईएएफ, एडीए, एचएएल और उद्योग को बधाई दी है और इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।
Defence Research and Development Organization (DRDO) has successfully conducted a high-speed rocket-sled test of fighter aircraft escape system at precisely controlled velocity of 800 km/h- validating canopy severance, ejection sequencing and complete aircrew-recovery at Rail… pic.twitter.com/G19PJOV6yD
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) December 2, 2025
रक्षा मंत्री ने घोषणा की कि चंडीगढ़ में टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) में डीआरडीओ की रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (आरटीआरएस) सुविधा में रॉकेट-स्लेज परीक्षण ने 800 किमीध्घंटा की सटीक नियंत्रित गति हासिल की।
