शमशाबाद/अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। स्वास्थ्य मेले में 27 मरीजों की शुगर की जांच कर की गयी, वहीं महिलाओं को परिवार नियोजन की जानकारी दी गयी। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को विशेष ऐतियात बरतने की सलाह दी।
जानकारी के अनुसार रविवार को शमशाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजबाग में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। चिकित्सक विपिन कुमार की देखरेख में 59 मरीजों ने पंजीकरण कराया और चिकित्सा परामर्श के साथ जीवन रक्षक दवाइयां प्राप्त कीं। क्षेत्र में खांसी, जुकाम, बुखार, दाद-खाज और खुजली जैसी बीमारियां फैली हुई हैं। गंगा कटरी क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। बाढ़ के कारण खेतों और ग्रामीण इलाकों में गंदगी फैली है। जिससे लोग बीमारियों से पीडि़त होकर स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने बताया कि मेले में एलटी अलका ने 27 मरीजों की शुगर की जांच की। एएनएम नीलम देवी ने महिलाओं को स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। वार्ड बॉय राजेश कुमार ने राजकीय कार्य में सहयोग किया। मेले का आयोजन गरीब, मजदूर और किसानों की स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर किया गया। मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अनुसार फार्मासिस्ट द्वारा दवाइयां वितरित की गईं।
वहीं अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार स्वास्थ्य शिविर में १७५ मरीजों का इलाज किया गया। अमृतपुर स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य केंद्र्र के प्रभारी डॉक्टर गौरव वर्मा के अनुसार मेले में कुल 175 मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयां दी गईं। जांच में मलेरिया के 26 मरीजों में से 2 पॉजिटिव पाए गए। टाइफाइड के 18, मधुमेह के 15 और डेंगू के 6 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा बलगम के 8 और हीमोग्लोबिन के 4 मरीजों की भी जांच हुई। स्वास्थ्य केंद्र पर दौलतियापुर, परतापुर, हरसिंहपुर, लीलापुर, अमृतपुर, फखरपुर, बनारसीपुर, कलेक्टरगंज, तौफीक, नगला हूषा, खजुरिया और राजपुर समेत दर्जनों गांवों के मरीज आते हैं। डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीजों को दवाइयां और इंजेक्शन दिए। बच्चों के लिए सीरप की विशेष व्यवस्था की गई। बाढ़ के कारण क्षेत्र में वायरल फीवर, सिरदर्द, खुजली, बुखार, पेट दर्द और पैरों में इंफेक्शन के मरीज अधिक हैं। डॉक्टरों ने मरीजों को सलाह दी कि वे मच्छरदानी का प्रयोग करें। साथ ही पानी को उबालकर पीएं और गंदगी व रुके हुए पानी से दूर रहें।
स्वास्थ्य मेलों में मरीजों का परीक्षण कर दी गयीं दवायें
