करवाचौथ पर्व: सुहागिनों ने चन्द्रमा को अघ्र्य दिया तो जीवंत हो उठीं परम्परायें

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सुहागिनों के अखंड सौभाग्य का त्योहार करव चतुर्दशी (करवाचौथ) के पर्व की धूम देर शाम तक दिखायी देती रही। सोलह श्रंगार में सजी महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए मंगलगानों के बीच चंद्रमा का परछन करके अघ्र्य दिया तो ऐसा लगा जैसे भारतीय परंपरायें जीवंत हो उठी हों। पतियों के माथे पर तिलक करके पत्नियों ने उनकी दीर्घायु की कामना की और चौथ के चन्द्रमा की तरह निरंतर उनका यश, वैभव, सुख व समृद्धि में निरन्तर बढ़ोत्तरी होने की कामना की। नवविवाहिताओं का उत्साह चरम पर रहा और उन्होंने सुहाग का जोड़ा पहनकर पति की दीर्घायु के लिए कामना की। दिन भर उपवास रखकर महिलाओं ने शाम की पूजा की तैयारियां की। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया वैसे-वैसे त्योहार शबाब पर आता गया। घर-घर में अपनी-अपनी रीति रिवाजों के अनुसार पति की दीर्घायु एवं उनके लिए मंगल कामना का पर्व करवाचौथ धूमधाम के साथ मनाया गया। हिन्दू समाज के विभिन्न वर्गों में अपने-अपने तरीके से महिलाओं ने पूजा अर्चना की। इसके साथ ही दीपावली की पर्व श्रंखला का आगाज हो गया। घरों की अंगनाई में चंद्रमा का बृहद चित्र बनाकर पूजा की गयी और उदीयमान चन्द्रमा को प्रणाम करके महिलाओं ने अघ्र्य दिया। बच्चों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। पूजा की तैयारी के लिए बच्चे दिन भर भागमभाग में लगे रहे। महिलाओं ने गतदिवस की गयी तैयारियों के बाद आज पूरे दिन पूजा की तैयारी में ही बिताया। निर्जला व्रत रखकर पतियों के लिए मंगल कामना करने वाली महिलाओं ने पूजा के उपरान्त बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर तथा पति से आर्शीवाद लेकर जल ग्रहण किया। नगर में चारों ओर शाम के समय सुसज्जित महिलाओं के समूह की धूम रही। सुर्ख साडिय़ों में नव विवाहिताओं का श्रंगार निखरा तो ऐसा लगा जैसे उन्हें देखकर चन्द्रमा मुस्करा रहा हो। बुजुर्ग महिलाओं ने नई पीढ़ी की बहुओं को करवाचौथ व्रत की कथा सुनाकर दिये गये संदेशों का सदैव पालन करने और पति के साथ सामन्जस्य बिठाकर रहने का संदेश दिया।
नई बहू मानी ने बताया करवाचौथ के दिन निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की कामना के साथ स्वस्थ्य रहने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हूॅ। शाम को परिवार की महिलाओं के साथ चांद को देखकर व्रत खोलती हूॅ। बहुत अच्छा अनुभव महसूस कर रही हूॅ। निम्मी धीर ने बताया कि मेरी शादी के छह माह हो चुके हैं। पहली बार व्रत रखा है। मेरे परिवार की सास और सभी लोगों का पूरा सहयोग मिला है। आज के दिन मनचाहा उपहार मिलता है और सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए पूजा करती है। गौरी धवानी ने बताया दुल्हन के रुप में दूसरी बार व्रत रखा है। यह मौका जीवन में हर बार आये। पूरे दिन पूजा की थाली सजायी और पकवान बनाये और चंद्रमा की पूजा के साथ सबका आर्शीवाद लिया। इस मौके पर सिंधी कालोनी में प्रशा, अंजू, लीना, गरिमा, पूनम, जिया, अवनी, ज्योति, कविता, सीमा, नीलम, कृति, लता आदि महिलायें मौजूद रहीं।

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