कार्यशाला में पर्यावरण और समाजिक कार्यों की दी गई जानकारी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों हेतु पर्यावरण, सामाजिक और शासन ईएसजी पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। यूपीएसआईसी, यूपीकॉन एवं जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ईएसजी कार्यशाला में उद्यमियों को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को अपग्रेड, स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
शुक्रवार को ठंडी सडक़ स्थित नव भारत सभा भवन के पास एक होटल में पर्यावरण, सामाजिक और शासन ईएसजी कार्यशाला सम्पन्न हुई। जिसमें रेसिंग एंड अक्सिलेरेटिंग एम0एस0एम0ई0 परफॉरमेस रैंप की जानकारी साझा की गई। यह योजना विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त कार्यक्रम है। जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों एम0एस0एम0ई0 के प्रदर्शन में सुधार करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनुमोदित एवं सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा कार्यान्त्रित है। रैंप योजना के कई अन्यं उद्देश्य हैं, जिनमें एम0एस0एम0ई0 के लिए बाजार और ऋण उपलब्धता में सहायता, केंद्रीय और राज्य स्तर पर संस्थानों और शासन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य संबंधों और साझेदारी में सुधार, विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान इत्यादि शामिल हैं। रैंप योजनान्तर्गत ही पर्यावरण, सामाजिक और शासन ईएसजी के बारे में बताते हुए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को अपग्रेड, स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया। यूपीकॉन के ट्रेनर एक्सपर्ट जे0पी0 शाक्य ने कहा कि यह योजना आधुनिकीकरण को देखते हुए उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह योजना न केवल युवाओं को उनके व्यवसायिक सपनों को साकार करने में मदद कर रहा है, अपितु राज्यों के छोटे व्यवसायों और उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला एमएसएमई को उनके उत्पाद और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, जिलास्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने और सतत विकास प्राप्त करने में मदद करेगी। ट्रेनर एक्सपर्ट नीलम शाक्य ने यूपी एमएसएमई पॉलिसी 2022 में मिलने वाले लाभों के प्रावधानों पर विस्तृत रुप से चर्चा करते हुए निर्यातकों एवं मैन्युफैक्चरिंग उद्यमियों को इसके संबंध में जानकारी दी।
मैन्युफैक्चरिंग इकाईयां हेतु ईएसजी कार्यशाला का हुआ आयोजन
