
घायलों को लोहिया अस्पताल में कराया गया भर्ती, डीएम, एसपी ने पहुंचकर लिये हालचाल
पुत्र के वियोग में रात भर मेले में भटकते रहे परिजन, सुबह पीएम हाउस में रखा मिला शव
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। बीती रात मेला रामनगरिया में अचानक आग लगने से कल्पवासियों में भगदड़ मच गयी। भीषण अग्निकांड में सात लोग झुलस गये, जबकि एक बालक जिंदा जल गया। जिसका शव परिजनों को सुबह पोस्टमार्टम के शवगृह में रखा मिला। घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया तथा घायलों को लोहिया अस्पताल भिजवाने के निर्देश दिये। इसके बाद लोहिया पहुंचकर चिकित्सकों को घायलों का बेहतर उपचार करने के भी निर्देश दिये। वहीं घटना के बाद से बालक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।

जानकारी के अनुसार कादरीगेट क्षेत्र के पांचाल घाट की गोद में आबाद मेला रामनगरिया में बीती रात तकरीबन चार झोपडिय़ों में आग लग गयी। आग का विकराल रुप देखकर कल्पवासियों में भगदड़ मच गयी। सामान को बचाने में 35 वर्षीय शिवरतन पुत्र बिजेंद्र सिंह निवासी ग्राम तलूका बड़ी सरैया मिर्जापुर शाहजहाँपुर, 25 वर्षीय जयवीर पुत्र सर्वेश निवासी कस्बा बिछवां जनपद मैनपुरी, 25 वर्षीय मनीष पुत्र प्रमोद तिवारी निवासी मझीला मछाला हरदोई, 80 वर्षीय रामकिशन पिता नन्हेलाल निवासी अम्हापुर राजेपुर, 80 वर्षीय सत्यवती पत्नी कन्हैयालाल निवासी सिंघामझालो मिर्जापुर शाहजहांपुर, 75 वर्षीय कौशल किशोर पुत्र भारत सिंह निवासी बेहटा गोकुलपुर हरदोई, 60 वर्षीय लीला देवी पत्नी कृष्ण कुमार निवासी गांव शिव मोहनपुर बेहटा गोकुलपुर हरदोई झुलस गये, जबकि पांचाल घाट निवासी राजेश का 13 वर्षीय पुत्र गोविंद लापता हो गया। घायलों को लोहिया अस्पताल भिजवाया गया। अधिक झुलसे जयवीर को आगरा मेडिकल कालेज व सत्यवती व रामकिशन को सैफई के लिए रेफर कर दिया गया।

सूचना पर दमकल की गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना पर डीएम डा0 वीके सिंह, एसपी विकास कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक डा0 संजय सिंह फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आला अधिकारियों से पांचाल घाट निवासी राजेश ने अपने १3 वर्षीय पुत्र गोविंद के गुम होने की शिकायत की। जिसके बाद सभी अधिकारियों ने लोहिया पहुंचकर घायलों के हालचाल लिये। तहसीलदार सदर श्रद्धा पाण्डेय ने भी लोहिया पंहुचकर घटना के संदर्भ में जानकारी की। वहीं गोविंद का चाचा अज्जू भी लोहिया अस्पताल पहुंचा, लेकिन वह लोहिया अस्पताल में नहीं मिला। पुत्र के न मिलने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मामले पर तहसीलदार सदर श्रद्धा पांडे ने बताया कि सात मरीजों को जिला अस्पताल लोहिया में भर्ती कराया गया है, तीन मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुत्र के न मिलने पर परिजनों नें गंगा पुल के ऊपर जाम लगाने का प्रयास भी किया, लेकिन महंत ईश्वर दास महाराज के समझाने पर वह लोहिया अस्पताल के शव गृह में उसे देखने पंहुचे लेकिन वहां भी गोविन्द का शव ना मिलने पर वह फतेहगढ़ पोस्टमार्टम घर के शव गृह में देखने पहुंचे। जहाँ परिजनों को गोविन्द का शव मिला। चाचा अज्जू ने शव की शिनाख्त की। मृतक की माँ सोनी, बुआ ऊषा, भाई गोपाल, बहन बैष्णवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कल्पवासी शिव मोहन ने बताया कि सार्टसर्किट से आग लगी है और कई गैस सिलेंडर भी फटे हैं।
बालक के जिंदा जलने की घटना पुलिस ने छिपायी
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में हुए अग्निकांड के दौरान ही गोविन्द की जिंदा जलने से मौत हो गयी थी। कुछ चश्मदीद कल्पवासियों की मानें, तो पुलिस गुमचुप तरीके से बालक गोविंद के शव को ले गयी। जिससे कोई हिंसा न हो। जिसके चलते परिजन घंटों अपने पुत्र के वियोग में भटकते रहे और उसे खोजते रहे। जब परिजन सुबह पोस्टमार्टम हाउस फतेहगढ़ पहुंचे, तो उसका शव वहां पर रखा मिला। थानाध्यक्ष कादरी गेट विनोद कुमार शुक्ला नें बताया कि बालक की मौत हो गयी है द्य शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया।
